राकेश यादव ने बताया कि वर्तमान में बालोद डी.सी. के अंतर्गत कुल 18,718 उपभोक्ता दर्ज हैं, जिसमें 9,900 उपभोक्ता शहर क्षेत्र से और 8,715 उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद एक ही वितरण केंद्र से संचालन होने के कारण उपभोक्ताओं को पर्याप्त और स्थिर विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।

कटौती, शिकायत, संकट – जनता त्रस्त
उन्होंने कहा कि शहर में दिन-रात बिजली कटौती आम हो गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसलों को पर्याप्त सिंचाई नहीं मिल पा रही। किसानों के साथ-साथ व्यापारी, छात्र और आम नागरिक सभी प्रभावित हो रहे हैं। विद्युत विभाग में तकनीकी कर्मचारियों और संसाधनों की भी भारी कमी है, जिसके चलते शिकायतों का निराकरण महीनों तक लंबित रहता है।
प्रशासनिक सुधार की माँग
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि बालोद जिला बनने के बाद विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में जनहित में यह आवश्यक हो गया है कि बालोद शहर में नया सहायक अभियंता कार्यालय प्रारंभ किया जाए और प्रशासनिक सुविधा को विकेंद्रित करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग-अलग डी.सी. की व्यवस्था की जाए।
जनसेवक की पहल, शासन से अपेक्षा
ज्ञापन सौंपकर राकेश यादव ने राज्य शासन का ध्यान इस अहम मुद्दे की ओर आकर्षित किया है, जिससे विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार आए और आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बिजली व्यवस्था को लेकर जनता में और आक्रोश पनपेगा, जो शासन की छवि पर भी असर डालेगा।




















