बालोद। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर आगामी 16 जुलाई और 22 अगस्त को प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन की पूर्व तैयारी को लेकर शुक्रवार को बालोद रेस्ट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फेडरेशन से संबद्ध विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए।
बैठक में केंद्र सरकार की “मोदी की गारंटी” को राज्य में लागू करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 16 जुलाई को दोपहर 1 बजे तांदुला रिसॉर्ट गेट से रैली निकाली जाएगी, जो कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त होगी। सभी जिलाध्यक्षों की रैली में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।
बैठक के दौरान कबीरधाम जिले में 7 जुलाई को 42 कर्मचारियों को कलेक्टर द्वारा कान पकड़वाने की घटना की कड़ी निंदा की गई। इस मामले में कार्यवाही की मांग करते हुए बालोद जिले से कलेक्टर कबीरधाम के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा गया। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी अधिकारी द्वारा कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है, तो संगठन उसके खिलाफ सशक्त मोर्चा खोलेगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में जिला संयोजक लोकेश कुमार, महासचिव घनश्याम पुरी, पेंशनर फोरम संयोजक मधुकांत यदु, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे, प्रदेश शिक्षक फेडरेशन जिलाध्यक्ष राधेश्याम साहू, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परशुराम धनेन्द्र, प्रदेश शिक्षक संघ के तामेश्वर कौशल, पेंशनर संघ जिलाध्यक्ष आर.एम. चावड़ा, चेतन यादव, गजेंद्र पुरी गोस्वामी, राजेंद्र कुमार साहू सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।फेडरेशन ने आंदोलन को पूरी तरह अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने का आह्वान किया है।




















