रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, व्यापारियों, आदिवासियों और शहरी विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आइए जानते हैं कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
पुलिस अफसरों को मिला प्रमोशन का तोहफा
राज्य पुलिस सेवा के 2005 से 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने के लिए 30 नए पदों का सृजन किया गया।
वंचित वर्गों को मिलेगा स्किल और रोजगार
राज्य सरकार और पैन IIT एलुमनी फाउंडेशन मिलकर एक गैर-लाभकारी संयुक्त कंपनी बनाएंगे, जो आदिवासी, महिला और ट्रांसजेंडर समुदायों को ट्रेनिंग और रोजगार के नए अवसर देगी। विदेशी भाषाएं भी सिखाई जाएंगी ताकि इंटरनेशनल जॉब मार्केट में एंट्री मिल सके।
पुराने वाहनों पर दो बड़े बदलाव
1. सड़क सुरक्षा और प्रदूषण रोकथाम के लिए मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन को मंजूरी।
2. अब पुराने वाहन का फैंसी नंबर नए वाहन में भी लिया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए तय शुल्क चुकाना होगा।
छात्रों के लिए स्टार्टअप नीति
छात्र स्टार्टअप और इनोवेशन नीति लागू की गई। 50 हजार छात्रों तक पहुंचने, 500 प्रोटोटाइप और 150 स्टार्टअप्स को मदद देने का लक्ष्य रखा गया है। ट्राइबल क्षेत्रों में इनोवेशन हब भी बनेंगे।
राजधानी क्षेत्र विकास के लिए नया प्राधिकरण
रायपुर, भिलाई-दुर्ग और नया रायपुर के संयुक्त विकास के लिए राजधानी क्षेत्र प्राधिकरण की स्थापना को हरी झंडी। यह निकाय योजनाबद्ध ढंग से शहरी विस्तार, निवेश और पर्यावरण संरक्षण पर काम करेगा।
व्यापारियों को राहत
पुराने टैक्स केस जल्द निपटाने और छोटे व्यापारियों को राहत देने बकाया कर समाधान विधेयक को मंजूरी दी गई।
विश्वविद्यालय एक्ट और कानूनों में बदलाव
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय एक्ट में संशोधन।
निजी विश्वविद्यालय एक्ट में सुधार।
भू-राजस्व संहिता संशोधित: अब नामांतरण, नक्शा विभाजन, अवैध प्लाटिंग और जियो-रेफरेंस मैप से जुड़े काम आसान होंगे।
मंडी और जीएसटी नियमों में बदलाव
कृषि उपज मंडी एक्ट में संशोधन।
GST नियमों में केंद्र सरकार के अनुसार सुधार।
कैबिनेट के फैसलों से एक तरफ जहां युवाओं को नए अवसर मिलेंगे, वहीं व्यापारी वर्ग को भी कानूनी राहत और प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विकास की रफ्तार अब और तेज होगी।




















