बालोद। जिले में लगातार सामने आ रही डीजल चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए बालोद पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी में प्रयुक्त तीन वाहन, मोबाइल फोन और 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 5 लाख 51 हजार रुपये आंकी गई है। गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दुर्ग रेंज पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य और बालोद पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में थाना बालोद और साइबर सेल की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही थी।
ट्रकों से 560 लीटर डीजल चोरी की शिकायत से खुला मामला
मामले की शुरुआत ग्राम नेवारीखुर्द निवासी खिलेश्वर सिंह तारम की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका 14 चक्का ट्रक क्रमांक सीजी-19 बीयू-5241 तथा दूसरा ट्रक सीजी-04 एनजेड-8509 गांव के प्राथमिक स्कूल के पास खड़े थे। 4 जून की सुबह दोनों ट्रकों की डीजल टंकियां खाली मिलीं। अज्ञात चोरों ने दोनों वाहनों से करीब 560 लीटर डीजल चोरी कर लिया था, जिसकी कीमत लगभग 57 हजार रुपये बताई गई। शिकायत के आधार पर थाना बालोद में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
नाकेबंदी के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस टीम झलमला क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार (एमपी-09 सीजे-6475) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर कार चालक मौके से फरार हो गया, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के ग्राम छापीहेड़ा निवासी 19 वर्षीय शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी और 25 वर्षीय देवेन्द्र विश्वकर्मा के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने अपने फरार साथी समीर मेवाती निवासी दुपाड़ा (मध्यप्रदेश) के साथ मिलकर डीजल चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
भिलाई में बनाते थे ठिकाना, रात में बालोद आकर करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे जून माह की शुरुआत में भिलाई पहुंचे थे और एक लॉज में ठहरे हुए थे। इसके बाद रोजाना देर रात बालोद और आसपास के इलाकों में पहुंचकर सड़क किनारे खड़े ट्रकों को निशाना बनाते थे।
आरोपी पहले ट्रकों की डीजल टंकियों के ताले तोड़ते थे, फिर पाइप की मदद से डीजल निकालकर बड़े गैलनों में भर लेते थे। गिरोह ने लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा और बालोद शहर सहित कई स्थानों पर डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। चोरी किया गया डीजल भिलाई ले जाकर बेच दिया जाता था।
चोरी की रकम से खरीदी स्कॉर्पियो, बैंक खाते में भेजे 80 हजार रुपये
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से अर्जित रकम का इस्तेमाल आरोपी निजी संपत्ति बनाने में कर रहे थे। आरोपियों ने चोरी की कमाई से एक स्कॉर्पियो वाहन खरीदा था, जबकि करीब 80 हजार रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब इस आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
खंडहर भवन से बरामद हुआ चोरी का डीजल
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम भिलाई के सेक्टर-6 स्थित पुराने एलआईसी कार्यालय परिसर के खंडहरनुमा भवन तक पहुंची। यहां छापेमारी के दौरान पुलिस ने 14 बड़े गैलनों में भरा 490 लीटर डीजल, एक सुमो गोल्ड वाहन, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान स्विफ्ट डिजायर कार, सुमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन और चोरी के डीजल सहित कुल 5 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की।
बालोद और अर्जुन्दा के कई मामलों में शामिल निकले आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अप्रैल से जून 2026 के बीच बालोद और आसपास के क्षेत्रों में हुई डीजल चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ थाना बालोद में पांच और थाना अर्जुन्दा में एक मामला दर्ज पाया गया है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है।
दो आरोपी जेल भेजे गए, फरार साथी की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं फरार आरोपी समीर मेवाती और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना बालोद पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की तत्परता और पेशेवर कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।




















