उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और पूरा देश ऐसे वीर सपूतों पर गर्व करता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

इस अवसर पर शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख और 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक योगदान की सराहना की गई। विजय शर्मा ने जवानों के परिजनों से भी मुलाकात करते हुए कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण दायित्व में परिवारों का त्याग और उनका अटूट समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सम्मानित जवानों से उनके वीरता भरे अभियानों की जानकारी भी ली।

इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए बड़े अभियान में असाधारण नेतृत्व, साहस और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने विषम परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी।

वहीं, 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा पर घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मोर्चे पर डटे रहकर दुश्मनों को पीछे हटाने और अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, उनके कल्याण और परिवारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मानित जवानों और उनके परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस, समर्पण और बलिदान राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण है।




















