
नीलू शर्मा ने मंच से कहा – “छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत’ कहा जाता है, और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हमारे यहां प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और आस्था – सब कुछ है। अब वक्त है कि देश और दुनिया इसे करीब से महसूस करें।”
कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स को आमंत्रित करते हुए उन्होंने चित्रकोट, सिरपुर, कांगेर घाटी, भोरमदेव, दंतेवाड़ा जैसे स्थलों का विशेष जिक्र किया। उन्होंने ये भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा मिल चुका है, और होमस्टे, ट्राइबल टूरिज्म व वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजनाएं चल रही हैं।

इस आयोजन के दौरान 500 से ज्यादा ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स मौजूद रहे। कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म का स्थायी सूचना केंद्र खोले जाने की घोषणा भी की गई, जिससे वहां के पर्यटकों को सीधे जानकारी और सेवाएं मिल सकेंगी।
इस कार्यक्रम में नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और थाईलैंड की महावाणिज्यदूत श्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “भारत को समझना है तो छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए।”

छत्तीसगढ़ टूरिज्म के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने भी एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए राज्य की पर्यटन नीतियों, स्थलों और भविष्य की योजनाओं को सामने रखा।
⬥ छत्तीसगढ़ ने फिर साबित किया – यह सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि अनुभव है।




















