बालोद।छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत बीते दो दशकों से कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आज बालोद में जोरदार पहल हुई। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ, जिला बालोद के प्रतिनिधिमंडल ने डौंडी लोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 16 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाईं जो देश के अन्य राज्यों में उपलब्ध हैं।
डॉ. मिरी ने कहा कि “मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रेड पे, जॉब सुरक्षा, चिकित्सा अवकाश, बीमा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। पर छत्तीसगढ़ में अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में इन समस्याओं को हल करने का वादा किया था।”
प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं:
1. संविलियन एवं स्थायीकरण – 20 वर्षों से कार्यरत अनुभवी एनएचएम कर्मियों का संविलियन अन्य राज्यों की तर्ज पर किया जाए।
2. पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना – क्लिनिकल और मैनेजमेंट कैडर को समायोजित कर पृथक कैडर बनाया जाए।
3. समान कार्य, समान वेतन – पद और योग्यता के अनुसार ग्रेड पे निर्धारित किया जाए।
4. कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता – व्यक्तिगत दुर्भावना से ग्रसित मूल्यांकन को रोकने के लिए स्पष्ट प्रणाली लागू हो।
5. लंबित 27% वेतन वृद्धि – जुलाई 2023 से लंबित वृद्धि एनएचएम कर्मियों को शीघ्र दी जाए।
6. नियमित भर्ती में आरक्षण – जब तक स्थायीत्व की नीति नहीं बनती, भर्ती में 50% सीटें एनएचएम कर्मियों के लिए आरक्षित की जाएं।
7. अनुकंपा नियुक्ति – दिवंगत कर्मियों के परिजनों को मानवीय आधार पर नियुक्ति मिले।
8. चिकित्सा व अन्य अवकाश – सवैतनिक चिकित्सा व संतान पालन अवकाश की सुविधा मिले।
9. स्थानांतरण नीति – विशेष परिस्थिति में मानवीय दृष्टिकोण से पारदर्शी स्थानांतरण नीति बने।
10. 10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा बीमा – आर्थिक सुरक्षा के लिए न्यूनतम 10 लाख तक का मेडिकल इंश्योरेंस मिले।
इस दौरान बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।




















