चिहरो हत्याकांड का खुलासा: मोबाइल विवाद बना वजह, तीन आरोपी जेल भेजे गए
बालोद, |डौंडी थाना क्षेत्र के चिहरो गांव में हुई 22 वर्षीय युवक की नृशंस हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मंगलवार सुबह आमाडुला बांध के समीप खेत में खून से सनी लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान चिहरो निवासी प्रीतराम गोटा पिता हीराम गोटा के रूप में हुई थी।
अब पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीतराम की हत्या उसी के तीन साथियों ने मिलकर की थी। मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े ने पहले विवाद का रूप लिया और फिर मारपीट में बदल गया, जिसके बाद उसे लकड़ी और पत्थर से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने हत्या के इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घटना ऐसे हुई: मछली पकड़ने का बहाना बना, लौटकर नहीं आया
7 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे प्रीतराम को गांव के ही भूपेश का फोन आया। इसके बाद वह बिना मोबाइल लिए घर से निकला और बताया कि वह दोस्तों के साथ मछली पकड़ने जा रहा है। देर रात तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की।
8 जुलाई की सुबह परिजनों को रीतुराज मरकाम नामक युवक से जानकारी मिली कि प्रीतराम को मनोज बरिहा और रूपेन्द्र सलाम के साथ बांध की ओर जाते देखा गया था।
जब परिजन बांध क्षेत्र पहुंचे, तो मंशा राम मंडावी के खेत में प्रीतराम की खून से सनी लाश मिली। उसके चेहरे, जबड़े और दाहिने हाथ पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि हमला धारदार या भारी वस्तु से किया गया था।
पुलिस जांच: दोस्तों ने ही रची थी हत्या की साजिश
थाना डौंडी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक पूछताछ के बाद तीनों युवकों – रीतुराज मरकाम, मनोज बरिहा और रूपेन्द्र सलाम – को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह बना मोबाइल विवाद
पुलिस के अनुसार, चारों युवक मोटरसाइकिल से आमाडुला बांध की ओर गए थे। वहीं मोबाइल को लेकर आपस में विवाद हुआ, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर रीतुराज ने पास पड़ी लकड़ी और फिर पत्थर से प्रीतराम के चेहरे पर कई वार किए। हमले के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मनोज और रूपेन्द्र मौके से भाग निकले, जबकि रीतुराज सीधे अपने घर चला गया और सामान्य व्यवहार करता रहा। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लकड़ी और पत्थर को भी जब्त कर लिया है। वही पूरे मामले पर पुलिस ने बताया रीतुराज मरकाम (20 वर्ष), मनोज बरिहा (20 वर्ष), रूपेन्द्र सलाम (23 वर्ष) तीनों आरोपी चिहरो गांव के निवासी हैं। इन तीनों को 9 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे गिरफ्तार कर दल्लीराजहरा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
इस मामले की तफ्तीश और खुलासे में थाना डौंडी की टीम ने सराहनीय तत्परता दिखाई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सउनि दुर्जन लाल रावटे, प्रधान आरक्षक विष्णु तारम, आरक्षक ज्ञानेश चंदेल, युगल किशोर लोहले, ईश्वर भंडारी और पुकेश साहू की भूमिका उल्लेखनीय रही।
क्या बोले अधिकारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना पूरी तरह आपसी रंजिश और झगड़े का नतीजा है। हत्या को अंजाम देने के पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी, लेकिन हालात बेकाबू होने पर मामला हत्या तक पहुंच गया।
प्रीतराम की मौत से गांव में मातम
22 वर्षीय प्रीतराम गोटा खेती-किसानी से जुड़ा हुआ था और 12वीं तक पढ़ा-लिखा था। उसके स्वभाव को लेकर गांव में सभी लोग उसे शांत और मेहनती युवक मानते थे। उसकी अचानक हुई हत्या से गांव में गमगीन माहौल है और लोगों में आक्रोश भी।
चिहरो गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि युवाओं के बीच आपसी तनाव किस कदर घातक रूप ले सकता है।
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