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बालोद में मानसून का कहर: शहर में आफत, किसानों के लिए कितनी राहत..पढ़े पूरी खबर

बालोद। जिले में बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को जहां अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। एक ओर शहरी क्षेत्र जलजमाव और जल निकासी की अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है, तो दूसरी ओर खेत-खलिहान लबालब होकर अच्छी खेती की उम्मीद जगा रहे हैं।

 नदियां उफान पर, सड़कें बनीं नाले

लगातार बारिश से जिले के प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं। नगर पालिका क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। नया बस स्टैंड, धड़ी चौक, दल्ली तिराहा सहित कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हुआ है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

 शहर की सड़कों पर बहता गंदा पानी

शहर के अधिकांश नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों में बह रहा है। नया बस स्टैंड परिसर में तो हालत ये है कि हर बार की तरह इस बार भी पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। जिसका स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

 किसानों को मिला ‘संजीवनी जल’

वहीं ग्रामीण अंचलों में यह बारिश संजीवनी साबित हो रही है। पिछले पखवाड़े सूखे की मार झेल रहे किसान अब राहत की सांस ले रहे हैं। खेतों में पानी भर जाने से धान की बुआई में तेजी आई है। किसान कहते हैं कि यदि कुछ और दिन इसी तरह की बारिश बनी रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है।

 गर्मी से राहत, मौसम सुहावना

तेज बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई है और लोगों को उमस व चिपचिपी गर्मी से राहत मिली है। सावन भले ही 11 जुलाई से शुरू हो रहा है, लेकिन मौसम ने पहले ही ‘सावन की झड़ी’ जैसा एहसास करवा दिया है।

 

बालोद में सक्रिय मानसून ने शहरवासियों के लिए मुसीबतें जरूर बढ़ा दी हैं, लेकिन किसानों के लिए यह राहत भरी खबर लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जल निकासी और साफ-सफाई जैसे बुनियादी इंतजामों को कितनी तेजी से दुरुस्त करता है।

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