बालोद। छत्तीसगढ़ के छोटे से जिले बालोद की बेटी किरण पिस्दा आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मंच पर भारत का परचम लहरा रही हैं। भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 22 साल बाद एएफसी महिला एशियन कप 2026 में क्वालिफाई कर इतिहास रच दिया है, और इस गौरवशाली टीम का हिस्सा बनी हैं किरण, बतौर डिफेंडर।

बालोद में हुआ भव्य स्वागत
थाईलैंड से लौटने के बाद जब किरण बालोद पहुंचीं तो उनके स्वागत में पूरा जिला उमड़ पड़ा। विधायक संगीता सिन्हा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनके घर पहुंचकर गर्मजोशी से स्वागत किया। कलेक्टरेट परिसर में भी किरण के पिता महेश राम पिस्दा, जो कि सहायक अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, के सहकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तालियों और फूलों से किरण का अभिनंदन किया। हर आंखों में गर्व था, और हर चेहरे पर मुस्कान।

ऐतिहासिक जीत में निभाई अहम भूमिका
थाईलैंड में खेले गए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में भारत ने ग्रुप-बी में चारों मुकाबले जीतकर टॉप पोजिशन हासिल की। निर्णायक मैच में भारत ने मेजबान थाईलैंड को 2-1 से हराया। मिडफील्डर संगीता बसफोर ने दो गोल किए, लेकिन जीत की नींव मजबूत डिफेंस ने रखी — जिसमें किरण की भूमिका बेहद अहम रही।
2003 के बाद भारत पहली बार एशियन कप में पहुंचा है, और क्वालिफायर्स फॉर्मेट के जरिए यह पहला मौका है जब भारतीय महिला टीम ने यह मुकाम हासिल किया है। आगामी एशियन कप 2026 ऑस्ट्रेलिया में खेला जाएगा।

किरण की जुबानी थाईलैंड का अनुभव
किरण ने मीडिया से बातचीत में बताया,“थाईलैंड में भारतीय दर्शक बेहद कम थे। जब हम गोल करते थे तो स्टेडियम शांत हो जाता था, लेकिन विपक्षी गोल पर ज़ोरदार शोर होता था। ऐसे माहौल में जीतकर लौटना मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व है।”
उनकी यह बात दर्शाती है कि उन्होंने न केवल खेला, बल्कि देश के लिए हर पल जिया और लड़ा।
विदेशी क्लब में भी चमकी किरण
किरण का सफर सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहा।
2023 में क्रोएशिया के फुटबॉल क्लब से अनुबंध कर यूरोपियन फुटबॉल सर्किट में खेलीं।
2022 में चेन्नई के सेतू क्लब और केरल ब्लास्टर्स वुमन क्लब का हिस्सा रहीं।
यूएई में पिंक लेडीज फुटबॉल टूर्नामेंट (2025) में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

वो अब तक 20 से अधिक राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल चुकी हैं और हर मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया है।
खेल को बना लिया जीवन
2014-15 से किरण लगातार जूनियर, स्कूल और सीनियर नेशनल स्तर पर गोवा, पंजाब, असम, अंबाला, चेन्नई, मणिपुर, कटक जैसे कई राज्यों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
2022 में नेपाल में आयोजित साउथ एशियन वुमेन्स फुटबॉल चैंपियनशिप में भी वे शामिल थीं।
उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 30 अगस्त 2024 को “शहीद पंकज विक्रम सम्मान” से सम्मानित किया गया।

पिता का सपना हुआ साकार
किरण के पिता महेश पिस्दा ने कहा“हमने हमेशा किरण को खेल के प्रति जुनून में देखा। आज वो मुकाम हासिल किया, जो एक पिता के लिए सबसे बड़ा सपना होता है।”
वहीं विधायक संगीता सिन्हा ने कहा, “किरण पूरे छत्तीसगढ़ की बेटी है। उनकी उपलब्धि हमारे लिए प्रेरणा है।”
अब नजरें एशियन कप पर
किरण अब एशियन कप 2026 के लिए तैयारी में जुट गई हैं। उनकी सफलता आज बालोद ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है।




















