बालोद में अब दफ्तर चलेंगे डिजिटल रफ्तार से, टाइम पर रहना भी जरूरी
बालोद,जिले के सरकारी दफ्तरों में अब कामकाज का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। एक तरफ जहां ई-ऑफिस सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने दफ्तर में समय पर पहुंचने को भी अनिवार्य कर दिया है।
आज संयुक्त जिला कार्यालय में कलेक्टर ने खुद ई-ऑफिस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब कागजों की फाइलों का झंझट नहीं रहेगा, हर चीज़ डिजिटल होगी। इससे काम तेजी से होगा, पारदर्शिता भी बनी रहेगी और ऑफिस की कार्यशैली पहले से बेहतर होगी। ई-ऑफिस से फाइलें ट्रैक करना आसान होगा, समय बचेगा और विभागों के बीच बेहतर तालमेल भी बनेगा।
दूसरी ओर, कलेक्टर ने साफ कहा है कि सभी शासकीय सेवकों को अब सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक दफ्तर में रहना होगा – बिना कोई लेट-लतीफी के। सभी कर्मचारियों को 10 बजे तक बायोमैट्रिक हाज़िरी लगानी होगी। आदेश के मुताबिक, जो कर्मचारी समय पर नहीं आएंगे, उनका वेतन भी रोका जा सकता है। मंगलवार को समय-सीमा बैठक में हर कार्यालय प्रमुख को अपने अधीनस्थ स्टाफ की बायोमैट्रिक रिपोर्ट और प्रमाण-पत्र साथ लाना होगा।
सीधा संदेश है – अब ऑफिस में टालमटोल नहीं चलेगी। सिस्टम भी स्मार्ट हुआ है और निगरानी भी।




















