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कलेक्टर दिव्या मिश्रा का एक्शन मोड: समस्याओं पर सख्ती, जनता के लिए संवेदनशीलता

बालोद/गुण्डरदेही।गुण्डरदेही में शुक्रवार को कुछ बदला-बदला नजर आया। कलेक्टर  दिव्या उमेश मिश्रा जब नगर पंचायत सभाकक्ष पहुंचीं तो अधिकारियों के पसीने छूट गए। कारण साफ था—कलेक्टर अब समीक्षा नहीं, समाधान चाहती थीं!

ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की इस समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति को बारीकी से परखा और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा—”योजनाओं को समय पर पूरा कीजिए, वरना जवाब देना पड़ेगा।”

बैठक में मौजूद हर विभाग के अधिकारी से योजनाओं की हकीकत पूछी गई। शिक्षा, पंचायत, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, वन, PWD, PHE, खाद्य से लेकर पशुपालन विभाग तक किसी को नहीं छोड़ा गया।

बच्चों के लिए कैंप – जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र जरूरी

राजस्व अधिकारियों से बात करते हुए कलेक्टर ने स्कूली बच्चों के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्रों के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया। कहा—“बच्चों और परिजनों को चक्कर न काटना पड़े, ये हम सबकी जिम्मेदारी है।”

प्रधानमंत्री आवास योजना हो या आजीविका मिशन – काम अधूरे क्यों?

प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे मकानों पर कलेक्टर ने सख्त लहजे में पूछा – “अभी तक पूरे क्यों नहीं हुए?” आजीविका मिशन पर बात करते हुए उन्होंने महिला समूहों को मशरूम उत्पादन, फूलों की खेती, मछली पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने की बात कही और उनके मार्केटिंग की भी योजना तैयार करने कहा।

स्कूल-जर्जर भवन – अब नहीं चलेगा ढिलाई

कलेक्टर ने साफ कर दिया कि स्कूल और आंगनबाड़ी के जर्जर भवनों को तत्काल डिसमेंटल किया जाए – “कोई दुर्घटना हुई, तो संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा।” शौचालय निर्माण, शिक्षकों की पदस्थापना और स्कूल यूनिफॉर्म की उपलब्धता भी समीक्षा में शामिल रही।

मानसून में बीमारियाँ न फैलें – स्वास्थ्य अमला तैयार रहे

वर्षा ऋतु में फैलने वाली बीमारियों को लेकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को चौकन्ना रहने को कहा। हर अस्पताल में दवाइयाँ, स्टाफ और सुविधाएं उपलब्ध हों – ये निर्देश साफ-साफ दिए गए। टीबी उन्मूलन, आयुष्मान कार्ड, वय वंदना योजना जैसे मामलों की भी समीक्षा की गई।

किसानों को न हो खाद-बीज की किल्लत

किसानों के हित को सर्वोपरि बताते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा—“गुण्डरदेही के किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए।” इसके लिए कृषि विभाग और सहकारी संस्थानों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

वृक्षारोपण और जल प्रबंधन भी रहे फोकस में

वन विभाग से पौधरोपण की स्थिति और उनके संरक्षण उपायों की जानकारी ली गई। वहीं PHE विभाग से जल आपूर्ति और पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

जनता की आवाज़ प्रशासन तक पहुँची – कलेक्टर का तेवर उम्मीदों भरा

बैठक में कलेक्टर दिव्या मिश्रा का तेवर साफ था – जनता की समस्याओं से समझौता नहीं होगा।
उनकी सक्रियता और हर विभाग को दिए गए स्पष्ट निर्देश एक बात साफ कर गए – अब गुण्डरदेही में काम दिखेगा, फाइलें नहीं!

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