Skip to main content

प्रदेश रूचि

छत्तीसगढ़ की दो बेटियां भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में, चीन में होने वाले एशिया कप में दिखाएंगी दमआधी रात में दुकान ध्वस्त करने का आरोप: कोर्ट के आदेश पर उठे सवाल, तहसीलदार के फैसले के बाद निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांगडौंडीलोहारा में 25 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का प्रस्तावित दौरा, 5 हजार महिलाओं के सम्मान की तैयारीखेल प्रतिभाओं को सरकार का बड़ा तोहफा: 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिली शासकीय सेवा में नियुक्ति, बालोद के खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया जिले का मानबालोद आबकारी विभाग में बड़ी कार्रवाई: उप निरीक्षक आशा राम शाक्य निलंबित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन पर विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव

Video:-बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं – लेकिन बिचौलियों ने बना दिया मजाक! बालोद में ‘किराए का हेलमेट’,प्रशासन की सख्ती का उड़ाया जा रहा मज़ाक

बालोद। सड़क हादसों पर लगाम लगाने की पहल को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त आदेश जारी किया था – “बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं”। आदेश जिले के 35 पेट्रोल पंपों तक पहुंचा और कई जगहों पर इसका पालन भी शुरू हुआ। लेकिन जैसे ही यह सख्ती नजर आई, बिचौलिए सामने आ गए – और अब पेट्रोल पंपों के बाहर 20 रुपए किराए पर हेलमेट मिलने लगे हैं!

कैमरे में कैद हुई इस हरकत ने प्रशासनिक अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल ये है कि जब नियम आम जनता की जान की हिफाजत के लिए बनाए जा रहे हैं, तो कुछ लोग अपनी चालाकी से इसे कैसे हल्का बना सकते हैं?

पेट्रोल पंपों ने दिखाई सख्ती, बिचौलियों ने खोल लिया नया ‘कारोबार’

जैसे ही पेट्रोल पंपों ने बिना हेलमेट पेट्रोल देना बंद किया, वैसे ही कुछ लोगों ने बाहर ही किराए का हेलमेट देने की शुरुआत कर दी।
20 रुपये देकर हेलमेट लीजिए, पेट्रोल भरवाइए और फिर हेलमेट लौटाकर निकल जाइए – यानी ना सुरक्षा की सोच, ना नियम का सम्मान।

प्रशासन भी हैरान, पुलिस कर रही समझाइश और कार्रवाई दोनों

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए लगातार समझाइश दी जा रही है। ज़रूरत पड़ने पर चालानी कार्रवाई भी हो रही है। लेकिन अब जब नियम को ही मजाक बना दिया जा रहा है, तो इसे रोकने के लिए नए कदम जरूरी हो गए हैं।

अब बड़ा सवाल – क्या हेलमेट सिर्फ पेट्रोल भरवाने की औपचारिकता है?

इस घटना ने प्रशासन की मंशा पर नहीं, बल्कि समाज की सोच पर सवाल खड़ा कर दिया है।
क्या लोगों को हेलमेट सिर्फ चालान से बचने और पेट्रोल भरवाने तक के लिए पहनना चाहिए, या वाकई अपनी और दूसरों की जिंदगी की कीमत समझनी चाहिए?

प्रदेशरुचि की अपील – नियमों को सहयोग समझिए, सजा नहीं

प्रशासन का आदेश लोगों की जान बचाने के लिए है, ना कि परेशान करने के लिए। बिचौलियों की यह हरकत न सिर्फ आदेश का मखौल है, बल्कि समाज की सुरक्षा को भी खतरे में डालती है।

इसलिए जरूरी है कि हम सभी मिलकर नियमों का पालन करें – और उन्हें तोड़ने वालों का समर्थन नहीं, विरोध करें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!