स्कूल भवनों का होगा पुनर्निर्माण, लंबे समय से उठ रही थी मांग
बालोद।शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा स्थायी समिति सभापति तोमन साहू के प्रयासों से जिले के चार जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण के लिए सरकार ने कुल 4 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। लंबे समय से जर्जर हालत में चल रहे इन स्कूलों को लेकर अब न केवल मरम्मत बल्कि नया भवन निर्माण किया जाएगा।
जिन स्कूलों को मिली स्वीकृति:
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, जगन्नाथपुर सांकरा
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, पीपरछेड़ी
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, गुरूर
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, कमकापार
प्रत्येक स्कूल के लिए 1.21 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

शुरुआत एक संवाद से, परिणाम बड़ा
तोमन साहू ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति की जानकारी दी थी। मंत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाई। अब जल्द ही पुराने भवनों को डिसमेंटल कर नये सिरे से स्कूल भवनों का निर्माण शुरू होगा।
ग्रामीणों के आंदोलन के बाद बनी सहानुभूति की लहर
बीते साल पीपरछेड़ी गांव में ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों के साथ तालाबंदी कर नया भवन निर्माण की मांग की थी। जगन्नाथपुर सांकरा में भी लोग आंदोलित थे। प्रशासन से सिर्फ आश्वासन ही मिले थे। इस पृष्ठभूमि में जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने मुद्दे को आगे बढ़ाया और सरकार से मंजूरी दिलवाई।
निरीक्षण से बना दबाव, हुआ असरदार संवाद
जर्जर स्कूलों की सूचना मिलने पर तोमन साहू के नेतृत्व में मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू, जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू, जनपद सदस्य दमयंती हरदेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया और ग्राउंड रिपोर्ट शिक्षा मंत्री को सौंपी।
सरकार का आभार, बच्चों में उत्साह
तोमन साहू ने स्वीकृति के लिए राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिलेगा। ग्रामीणों और बच्चों में इस खबर को लेकर उत्साह और संतोष का माहौल है।




















