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बालोद के रानीतराई गांव में डायरिया का कहर, दूषित पानी से 15 ग्रामीण बीमार

बालोद। बालोद ब्लॉक के जुंगेरा ग्राम पंचायत अंतर्गत आश्रित ग्राम रानीतराई में डायरिया का प्रकोप देखने को मिल रहा है। गांव में दूषित पानी पीने से अब तक 15 ग्रामीणों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आ चुकी है, जिनमें से तीन लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पाइपलाइन से आ रहा दूषित पानी, ग्रामीणों में आक्रोश

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की पेयजल पाइपलाइन से गंदा पानी सप्लाई हो रहा था, जिससे लोग बीमार पड़ने लगे। शुरुआत में कुछ लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ने लगी।

स्वास्थ्य विभाग हरकत में, गांव में लगाया मेडिकल कैम्प

मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर मेडिकल कैम्प लगाया। अब तक 15 से अधिक लोगों का प्राथमिक उपचार गांव में ही किया जा चुका है। गांव की मितानिनें भी सक्रिय हो गई हैं और खुले नालियों में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।

मीडिया के जानकारी पर जागा प्रशासन

ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। मीडिया में खबर आने के बाद ही विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके ने जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य टीम को तत्काल गांव भेजा।

सरपंच ने मानी लापरवाही, पीएचई को दी सूचना

ग्राम पंचायत जुंगेरा की सरपंच नीलम कोठरी ने बताया कि गांव में डायरिया के मामले सामने आने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और पीएचई विभाग को सूचना दी थी। सरपंच का कहना है कि बीमारी की जड़ गंदा पानी है और इसे ठीक करना जरूरी है।

फिलहाल गांव में हालात सामान्य नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी में है और लोगों को उबला पानी पीने तथा साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है।

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