बालोद | जिला न्यायालय बालोद में मंगलवार को ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए’ अभियान के तहत एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मकसद लोगों को कोर्ट से बाहर सुलह-सफाई के महत्व और फायदे बताना था।
वर्कशॉप में प्रधान जिला न्यायाधीश एस.एल. नवरत्न ने बताया कि कई मामले ऐसे होते हैं, जिन्हें कोर्ट-कचहरी के बजाय बातचीत और समझौते से जल्दी और शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है। इससे न सिर्फ वक्त और पैसे की बचत होती है, बल्कि रिश्ते भी खराब नहीं होते।
उन्होंने इसे एक ‘फास्ट, फेयर और फायदे का सौदा’ बताया, जो दोनों पक्षों को संतुष्ट करता है।
इस मौके पर बालोद के कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण कुमार जांगड़े,
पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी,
एफटीसी जज ताजुद्दीन आसिफ,
द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता उपाध्याय,
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सोनी,
डीएलएसए सचिव भारती कुलदीप और
व्यवहार न्यायाधीश हीरा सिन्हा व सागर चंद्राकर शामिल थे।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अजय साहू के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और लॉ इंटर्न्स ने भी इस अभियान में रुचि दिखाई।
यह अभियान 01 जुलाई से 07 अक्टूबर 2025 तक पूरे देश में चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को अदालत के बाहर विवाद निपटारे के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।




















