बालोद, ।जिले के अर्जुंदा मुख्य मार्ग पर सोमवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जबरदस्त चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने किया। यह विरोध गांव जगन्नाथपुर से परसदा-पापरा तक की बदहाल सड़क, किसानों को खाद और बीज की भारी किल्लत और लंबे समय से प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ किया गया।
करीब तीन घंटे तक रास्ता पूरी तरह बंद रहा। प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे और मांगों को लेकर अड़े रहे। प्रशासन की ओर से विधायक को कलेक्टर से बात करने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन विधायक ने साफ इनकार करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी से सीधी बातचीत की मांग की। जब प्रशासन यह संवाद नहीं करवा सका तो चक्काजाम और अधिक उग्र हो गया।

क्या है ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
6 किमी सड़क की मरम्मत: जगन्नाथपुर से परसदा-पापरा तक की सड़क अत्यंत जर्जर है, जिससे 15 गांव के लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।
लंबित निर्माण कार्य: 22 सितंबर 2023 को 6.94 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद भी डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
खाद और बीज की कमी: ग्रामीण इलाकों में किसानों को अब तक पर्याप्त खाद और बीज नहीं मिल पा रहा, जिससे बोनी कार्य बाधित हो रहा है।
विधायक का तीखा हमला
विधायक संगीता सिन्हा ने प्रदर्शन स्थल से ही कहा – “बजट में स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। वित्त मंत्री कुर्सी पर हैं, लेकिन जनता की आवाज पर चुप हैं। हम सिर्फ सड़क की नहीं, किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

काम क्यों अटका है?
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, सड़क मरम्मत के लिए विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन शासन के वित्तीय निर्देश न आने से निविदा प्रक्रिया लंबित रखी गई है।
प्रदर्शन में शामिल रहे ये प्रमुख चेहरे:विधायक संगीता सिन्हा,कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी,जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू,स्थानीय जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण।




















