बालोद :- गुरेदा और डुंडेरा के स्कूलों में इस बार शाला प्रवेश उत्सव कुछ खास रहा। माहौल था खुशी का, और बच्चों के चेहरे पर दिख रहा था नया जोश। स्कूल में जैसे ही माँ सरस्वती की पूजा के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ, माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।

इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर खास मेहमान के तौर पर पहुंचीं और सभापति कांति सोनेश्वरी ने कार्यक्रम की अगुवाई की।
स्कूल कैंपस में हुए आयोजन में शाला समिति अध्यक्ष जगनू राम ठाकुर, सरपंच थनेश्वर सिन्हा, जनपद सदस्य गौरी निषाद और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
अतिथियों का गुलाल से पारंपरिक स्वागत हुआ और नए बच्चों को भी रंगों से अभिनंदन कर खास अहसास दिलाया गया। बच्चों को यूनिफॉर्म और किताबें भी दी गईं।
इसके साथ ही “माँ के नाम एक पौधा” अभियान के तहत पौधारोपण कर सभी ने पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया।

तारणी चंद्राकर ने बच्चों से कहा कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का ही नहीं, जिंदगी जीने के सही तरीके सीखने का भी स्थान है। उन्होंने माँ को पहली शिक्षिका और घर को पहली पाठशाला बताया।
कांति सोनेश्वरी ने बेटियों की पढ़ाई पर खास ज़ोर दिया और कहा कि हर बेटी को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
इस उत्सव में शिव देवांगन, कृत साहू, राधेश्याम, प्राचार्य एस.के. साहू, महेंद्र साहू, रोनिन निषाद, कमलेश पांडेय, हेमंत साहू, छाया मिश्रा, पटेल मैडम समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में 8 लाख की लागत से बनने वाले नए कक्ष का भूमिपूजन और 10 लाख की लागत से बनी लाइब्रेरी का लोकार्पण भी किया गया। ये पहल बच्चों को और बेहतर सुविधाएं देंगी।




















