बालोद।जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम खरथुली में आज शिक्षा व्यवस्था की लचर हालात के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली में लंबे समय से शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार, 30 जून को विद्यालय में तालाबंदी कर दी।

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन युक्तियुक्तकरण के तहत 4 व्याख्याता शिक्षकों को अन्यत्र कार्यमुक्त कर दिया गया। वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य का हाल ही में सेवानिवृत्त होना हालात को और भी गंभीर बना गया। वर्तमान में केवल 4 व्याख्याता शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि स्कूल में विषयवार शिक्षकों का भारी टोटा बना हुआ है।

2007 से झेल रहे हैं शिक्षक संकट
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से ही स्कूल में शिक्षक व्यवस्था अधूरी बनी हुई है। कई बार लिखित में शिकायत करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिले, लेकिन व्यावहारिक समाधान आज तक नहीं निकला। हाई स्कूल स्तर पर 5 और हायर सेकेंडरी स्तर पर 5 व्याख्याता पद स्वीकृत हैं, परंतु आज तक इनमें से अधिकांश पद रिक्त हैं।
ग्राम पंचायत और पालकों की सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
ग्राम पंचायत खरथुली, पालकगण और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि यदि 25 जून तक शिक्षक नियुक्ति नहीं हुई, तो 30 जून को तालाबंदी की जाएगी। तय समय तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को ग्रामीणों ने विद्यालय का ताला जड़ दिया।

प्रशासन की जिम्मेदारी तय करेंगे ग्रामीण
तालाबंदी की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक शिक्षक नहीं मिलते, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह की समस्या या असुरक्षा की स्थिति के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
स्थानीय बच्चों का भविष्य अधर में
तालाबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं वे छात्र-छात्राएँ जो बोर्ड कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। अभिभावकों ने कहा कि अगर समय रहते शिक्षक नहीं मिले तो बच्चों की पढ़ाई और भविष्य दोनों संकट में पड़ जाएंगे।
—
अधिक अपडेट और जानकारी के लिए पढ़ते रहें www.PradeshRuchi.com




















