
बालोद।देवरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिनकापार गांव में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। गांव की कुछ महिलाओं ने चौकी प्रभारी अजीत महोबिया पर उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के साथ-साथ परिवार के दो सदस्यों को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार शनिवार को बालोद एसपी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

क्या है पूरा मामला:
घटना 26 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे की है। पीड़िता किरण, तोमेश्वरी और बिमला बाई के अनुसार, चौकी प्रभारी महोबिया ने अपने निजी कार्य के लिए जेसीबी मंगवाई थी, जो अनियंत्रित होकर गांव के ही जितेन्द्र सतनामी के घर में घुस गई, जिससे घर को भारी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य बिस्तर पर नहीं थे, अन्यथा जनहानि हो सकती थी।
जब ग्रामीणों ने जेसीबी मालिक को बुलाकर मुआवजा दिलवाने की मांग की, तो पिनकापार चौकी प्रभारी ने गुस्से में आकर ग्रामीणों और महिलाओं के साथ मारपीट की। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए और रात भर थाने में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

झूठे मुकदमे का आरोप:
पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस पूरी घटना में दोषियों के बजाय पीड़ितों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई। पुलिस ने जितेन्द्र सतनामी और उनके भाई धनेश सतनामी को गिरफ्तार कर देवरी थाने में धारा 115(2), 121(1), 132, 221, 296, 3(5), 324(4), 351(3) के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेज दिया। जबकि इस मामले में प्रथम दोषी जेसीबी चालक जिसके वाहन से घटना घटी उसके खिलाफ पुलिस कोई कार्यवाही नहीं किया बल्कि दबाव पूर्वक समझौता करवा दिया।

देवरी टीआई पर भी सवाल:
महिलाओं ने देवरी टीआई पर भी पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिना शिकायत सुने जबरन समझौते पर हस्ताक्षर करवाए और एकतरफा कार्रवाई कर पीड़ित पक्ष को ही आरोपी बना दिया। पीड़िता किरण का कहना है कि पिनकापार चौकी प्रभारी और देवरी टीआई ने मिलकर पूरे मामले को मोड़ दिया और पुलिस की गलती छिपाने के लिए पीड़ितों को जेल भेजा गया।

जनप्रतिनिधियों से भी करेंगे मुलाकात:
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित महिलाओं द्वारा क्षेत्रीय विधायक और जिला भाजपा अध्यक्ष से भी मुलाकात कर चौकी प्रभारी की शिकायत कर सकती है।
इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बालोद जिला पुलिस इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या महिलाओं को न्याय मिल पाएगा।
बड़ा सवाल क्या वास्तव में जेसीबी को चौकी प्रभारी अपने निजी कार्य से मंगवाया था और इसी के चलते जेसीबी चालक की गलती को दबाने के लिए पीड़ित पक्ष को आरोपी बना दिया गया।बहरहाल इस पूरे मामले में पीड़ितो की शिकायत पर जांच के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ जाएगा।जबकि इस घटना के बाद सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में ग्रामीण भी एक जुट हो सकते है तथा पूर्व में भी चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है लेकिन आज तक कार्यवाही नही होने और मनमानी के खिलाफ अगले कुछ दिनों में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंच सकते है।
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