बैठक में राजस्व, पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, वन सहित स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा और आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
प्रमाण पत्रों में देरी पर जताई नाराज़गी
कलेक्टर ने बच्चों के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनाने में देरी पर नाराज़गी जताई और कहा कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना राजस्व व शिक्षा विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी है।

अतिक्रमण हटाने के निर्देश
उन्होंने डौण्डी तहसील क्षेत्र के अतिक्रमण मामलों पर कार्रवाई तेज करने और नगर पालिका के साथ मिलकर दल्लीराजहरा रोड से अतिक्रमण हटाने को कहा।
कृषि और स्वास्थ्य प्राथमिकता में
कृषि विभाग से कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वर्षा ऋतु में बीमारियों से निपटने की पूरी तैयारी हो और सभी केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता बनी रहे।
आवास, अमृत सरोवर और स्वच्छता मिशन पर फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे निर्माणों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अमृत सरोवर योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए नए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। सामुदायिक शौचालयों, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और फिकल स्लज ट्रीटमेंट पर प्रगति की भी जानकारी ली गई।
आजीविका मिशन में नवाचार पर जोर
कलेक्टर ने महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के प्रयासों को और बढ़ाने की बात कही और मशरूम उत्पादन, मछली पालन, प्रसंस्करण और मार्केटिंग जैसे विकल्पों को अपनाने की सलाह दी।
शिक्षा और संरचनात्मक सुधार की सख्ती
शालाओं में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति के साथ-साथ भवनों, शौचालयों और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी भी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सहभागिता
बैठक के बाद कलेक्टर मिश्रा ने अधिकारियों के साथ जनपद परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने साफ कर दिया कि विकास योजनाओं और जनहित के कार्यों में कोई कोताही नहीं चलेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि उनके निर्देशों पर अधिकारी कितनी तत्परता से अमल करते हैं।




















