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आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख स्वास्थ्य मंत्री के हाथो हुए सम्मानित

 

दुर्ग/भेड़ी। भेड़ी (बालोद) निवासी और प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 26 जून को दुर्ग स्थित ‘द रोमन पार्क’ में आयोजित मेगा आयुष कॉन्क्लेव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

गुरुदेव देशमुख न सिर्फ एक कुशल आयुर्वेदाचार्य हैं, बल्कि सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे 64 योगिनी मंदिर और मोक्षधाम सेवा संस्थान के संस्थापक हैं। शिक्षा, कन्या विवाह, स्वच्छता जैसे अनेक सामाजिक मुद्दों पर उनका कार्य उल्लेखनीय रहा है। हाल ही में उन्होंने कांकेर जिले के ग्राम गोलकुंमड़ा को प्रोत्साहन स्वरूप नगद राशि प्रदान कर वहां की सामाजिक गतिविधियों को भी सम्मानित किया।

गुरुदेव लंबे समय से निर्धन और बीमार लोगों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं। वे समय-समय पर समाज के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित भी करते हैं।

सम्मान समारोह के दौरान अपने उद्बोधन में गुरुदेव ने कहा, “आयुर्वेद न केवल चिकित्सा की एक पद्धति है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण शैली है। यह भारत की प्राचीनतम और समृद्ध धरोहर है, जिससे हम स्वस्थ जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है। समाज की उन्नति तभी संभव है जब हम एक-दूसरे की मदद करते रहें।”

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