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प्रवेशोत्सव में दिखी जनप्रतिनिधियों की सादगी, बच्चों के साथ खाया भोजन,”शिक्षा के साथ नशामुक्ति और पौधरोपण का संकल्प, बालोद में एक साथ कई संदेश”

“शिक्षा है समाज और देश का सबसे बड़ा हथियार” – सांसद भोजराज नाग
जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में विद्यार्थियों को मिला सम्मान, अतिथियों ने जमीन पर बैठकर किया भोजन

बालोद। डौंडीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम घीना में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में कांकेर सांसद भोजराज नाग ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा, “बिना शिक्षा के समाज, परिवार या देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। यह सबसे बड़ा अस्त्र है, जो आने वाली पीढ़ी को सक्षम बनाता है।”

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुए इस आयोजन में सांसद नाग बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  चेमन देशमुख, जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा, जिला पंचायत सदस्य  पोषण चंद्राकर,  अभिषेक शुक्ला, पुष्पेन्द्र चंद्राकर, अपर कलेक्टर  चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम शिवनाथ बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी  पीसी मरकले सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत

कक्षा पहली, छठवीं और नवमीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का तिलक कर मुँह मीठा कराया गया और उन्हें गणवेश व पाठ्यपुस्तकें देकर स्कूल में विधिवत प्रवेश दिलाया गया। सांसद एवं अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया, जिससे विद्यार्थियों के साथ आत्मीय जुड़ाव का दृश्य बना।

मेधावियों को मिला सम्मान

इस अवसर पर राज्य व विकासखण्ड स्तर की प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थियों एवं नवोदय विद्यालय में चयनित बच्चों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।

सांसद ने साझा की अपनी यादें

सांसद नाग ने अपने विद्यार्थी जीवन का स्मरण करते हुए कहा, “शाला में प्रवेश का पहला दिन हर बच्चे के जीवन में एक यादगार लम्हा होता है। इसी दिन से उनके भविष्य की नींव रखी जाती है।” उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषि-मुनि जंगलों में तप कर जो ज्ञान अर्जित करते थे, उसका उद्देश्य केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित में था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, उसमें शिक्षा सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर पूरे समर्पण से उसे हासिल करने की प्रेरणा दी।

शिक्षा के साथ समाजिक सरोकार भी

सांसद ने जल संरक्षण, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने उपस्थित लोगों को इन अभियानों से जुड़ने की शपथ दिलाई और कहा कि “एक-एक बूंद पानी की बचत और एक-एक पौधे की सुरक्षा आने वाले भविष्य के लिए ज़रूरी है।”

बच्चे ही हैं भारत के नव निर्माण की नींव” – तारिणी चंद्राकर

जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हमारे बच्चे सिर्फ विद्यार्थी नहीं, भारत के भविष्य की आधारशिला हैं। वे मेहनत, तप और अनुशासन से खुद को गढ़कर समाज व राष्ट्र के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवहार, सोच और संस्कार से भी जुड़ी है। “हमारे शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को संपूर्ण रूप से तैयार करें, यही आज के इस पर्व का उद्देश्य है।”

शाला प्रवेश नहीं, यह है नव-संस्कार का पर्व” – चेमन देशमुख

वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख ने कहा, “यह कार्यक्रम सिर्फ स्कूल में प्रवेश का उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन में विद्या संस्कार के शुभारंभ का दिन है। सोडश संस्कारों में ‘विद्या संस्कार’ का विशेष महत्व है। आज हम सब मिलकर इन बच्चों के जीवन की नींव को मजबूत बना रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि आने वाला समय जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से भरा हो सकता है, इसलिए आज से ही पौधरोपण और जल संरक्षण को संस्कार का हिस्सा बनाना होगा। “एक तरफ शिक्षा का दीप जल रहा है, दूसरी ओर पर्यावरण का संरक्षण भी हमें करना है – तभी सच्चे अर्थों में हम भावी पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य तैयार कर पाएंगे।”

बेहतर आयोजन, उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं” – तोमन साहू

जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू ने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन की सराहना करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। हमारे बच्चों को बेहतर माहौल और संसाधन मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।”

आयोजन में रखे गए सुझाव और घोषणाएं

कार्यक्रम में शाला विकास समिति के सदस्य  ढालचंद जैन ने ग्राम घीना और विद्यालय की कुछ मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर सुझाव रखे। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने नए शिक्षा सत्र में अध्यापन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी  पीसी मरकले ने स्वागत भाषण दिया।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को पौधे भेंट किए गए और सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को सायकल भी दी गईं। शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पालक और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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