
जिला शिक्षा अधिकारी पी.सी. मरकले द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फेसबुक पर प्रधानमंत्री के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पहले भोजराम सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब में शिक्षक ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन देते हुए माफी मांगी। लेकिन मामला गंभीर होने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश यादव की भूमिका अहम रही। उन्होंने गुरुवार को बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा, जिसमें भोजराम सिन्हा को सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन और जनभावनाओं को आहत करने का दोषी ठहराया गया।
राकेश यादव का कहना था: “शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। ऐसे असंसदीय और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना, वह भी प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद के खिलाफ, बेहद निंदनीय है।”
निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख है कि सरकारी कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया में इस प्रकार की भाषा का उपयोग छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1)(2)(3) का उल्लंघन है और यह गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।




















