बालोद।छत्तीसगढ़ विकलांग मंच ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को बालोद जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड में जोरदार प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन के बाद दिव्यांगजनों ने पैदल मार्च करते हुए तहसील कार्यालय तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
धरना स्थल पर पहुँची क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा ने मंच से दिव्यांगजनों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार समय रहते कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तो 15 जुलाई को विधानसभा सत्र के दौरान दिव्यांगजन घेराव करने बाध्य होंगे।
मारपीट और बर्बरता का आरोप, विधायक ने किया खुलासा
विधायक संगीता सिन्हा ने मंच से कहा कि 14 मार्च से शुरू दिव्यांगों की पदयात्रा और आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसके बावजूद इन लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। 24 मार्च को सुबह 4 बजे के आसपास आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की गई, जिसकी पुष्टि खुद पीड़ितों ने विधायक के समक्ष की।

उन्होंने कहा कि आंदोलनरत दिव्यांग वर्षों से पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं। 2002 के बाद बनी दिव्यांगों की सूची आज तक अपडेट नहीं की गई, जिससे लाखों नए पात्र दिव्यांग लाभ से बाहर हैं। विधायक ने सरकार से तत्काल नए सिरे से राज्य स्तरीय सर्वे कराने की मांग की है।
✍️ छत्तीसगढ़ विकलांग मंच की 6 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
1. फर्जी प्रमाणपत्रधारी दिव्यांगों की जांच:
छत्तीसगढ़ पीएससी से चयनित 151 अधिकारियों की दिव्यांगता की राज्य मेडिकल बोर्ड से पुनः जाँच कर फर्जी पाए जाने पर बर्खास्तगी की मांग।
2. विकलांग कोटे पर विशेष भर्ती अभियान:
31 मार्च 2025 तक सभी विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
3. पेंशन में वृद्धि:
वर्तमान में मिल रही 500 रुपए मासिक पेंशन को बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह किया जाए। साथ ही बीपीएल की बाध्यता को समाप्त किया जाए।
4. महिलाओं के लिए विशेष मांग:
21 वर्ष से अधिक अविवाहित दिव्यांग युवतियों को महतारी वंदन योजना में शामिल कर अतिरिक्त सहायता दी जाए।
5. पदोन्नति में आरक्षण का क्रियान्वयन:
दिव्यांग कर्मचारियों को 3% पदोन्नति आरक्षण का पालन सभी विभागों में तत्काल लागू किया जाए। 1 नवंबर 2016 से गणना कर रिक्त पदों पर पदोन्नति दी जाए।
6. कोरोना काल के पूर्व के कर्ज माफी:
निःशक्त वित्त निगम से कोरोना से पहले लिए गए कर्ज को पूर्णतः माफ किया जाए। किसी पर 15 हजार तो किसी पर 1 लाख का कर्ज है, लेकिन कोरोना ने व्यापार चौपट कर दिया।

💬 विकलांग मंच की चेतावनी – आंदोलन और तेज होगा
हरिराम कोर्राम, जिलाध्यक्ष – छत्तीसगढ़ विकलांग मंच ने कहा कि यदि सरकार ने 15 जुलाई से पहले उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो विधानसभा सत्र के दौरान बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।उन्होंने कहा, “हम अब सिर्फ अपील नहीं, अधिकार की बात करेंगे। हमारी पीड़ा समझने का वक्त सरकार के पास है, लेकिन बहुत कम बचा है।”
🧾 राज्य को होगा मामूली आर्थिक भार
मंच के अनुसार, राज्य में लगभग 2.5 लाख वास्तविक दिव्यांगजन हैं। यदि प्रत्येक को 5000 रूपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है, तो राज्य सरकार पर 125 करोड़ रुपए प्रतिमाह का खर्च आएगा, जो महतारी वंदन योजना (700 करोड़ प्रतिमाह) की तुलना में 600 प्रतिशत कम है।
👥 विधायक के साथ कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद
धरना-प्रदर्शन में विधायक संगीता सिन्हा के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल साहू, पार्षद विनोद शर्मा, धीरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।




















