सौर संयंत्रों पर सब्सिडी, ‘JashPure’ ब्रांड को बाजार, नक्सली शहीदों के परिजनों को विभागीय विकल्प, वन्यजीव संरक्षण के लिए नई संस्था का गठन
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में जहां अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर संयंत्रों पर सीधी सब्सिडी देने का फैसला हुआ, वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति के समतुल्य कुछ जातियों को छात्रवृत्ति और हॉस्टल सुविधा देने का रास्ता भी साफ किया गया। इसके अलावा राज्य में बाघों की dwindling population (घटती संख्या) को देखते हुए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन’ के गठन का निर्णय भी इस बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में रहा।
🔆 घर-घर सौर ऊर्जा: अब छत्तीसगढ़ सरकार भी देगी सब्सिडी
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र लगाने वालों को अब राज्य से भी अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।
1 किलोवाट संयंत्र पर 30 हजार रुपये केंद्र और 15 हजार रुपये राज्य से कुल ₹45,000 की मदद
3 किलोवाट या उससे अधिक संयंत्र पर कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी (78 हजार केंद्र और 30 हजार राज्य)
इस योजना का संचालन CSPDCL करेगा, जो एक विशेष बैंक खाता खोलकर अनुदान की राशि का वितरण करेगा।
सरकार का लक्ष्य 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 संयंत्र लगाने का है, जिससे दो वर्षों में 390 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।
👦 वंचित जातियों के विद्यार्थियों को मिलेगी SC/ST जैसी सुविधा
राज्य की कैबिनेट ने तकनीकी कारणों से अनुसूचित जाति/जनजाति सूची से वंचित कुछ जातियों — डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्रिय, संसारी उरांव, पबिया-पविया-पवीया और डोमरा — के छात्रों को राहत दी है। अब इन्हें राज्य मद से छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति और हॉस्टल में प्रवेश जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यह निर्णय शिक्षा में समान अवसर देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
🐅 टाइगर फाउंडेशन: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नई संस्था
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में गिरती बाघों की आबादी को देखते हुए वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ गठित करने का निर्णय लिया है।
यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी और वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय शिक्षा, ईको-टूरिज्म और समुदाय भागीदारी के माध्यम से काम करेगी। संस्था बाहरी फंडिंग और विशेषज्ञों की मदद से बाघों की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के रोजगार को एक साथ जोड़ने का प्रयास करेगी।
🌿 ‘JashPure’ ब्रांड को मिलेगा बड़ा बाजार
जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल और महुआ चाय जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘JashPure’ ब्रांड को अब राज्य शासन या CSIDC को सौंपा जाएगा।
इससे स्थानीय उत्पादों को मार्केटिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग का लाभ मिलेगा, जिससे महिलाओं को ज्यादा रोजगार और स्थानीय कच्चे माल की खपत बढ़ेगी। ट्रेडमार्क ट्रांसफर से राज्य पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
📚 बेमेतरा के बेलगांव में खुलेगा उद्यानिकी कॉलेज
राज्य सरकार ने बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव गांव में 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क देने का निर्णय लिया है, जहां एक नया उद्यानिकी महाविद्यालय स्थापित होगा। यह कृषि शिक्षा और अनुसंधान को गति देगा।
👮♂️ अनुकम्पा नियुक्ति में नया विकल्प
अब नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के पात्र सदस्य को केवल पुलिस विभाग में नहीं, बल्कि किसी भी अन्य विभाग और जिले में अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी।
पूर्व में यही नियुक्ति उसी विभाग में दिए जाने की बाध्यता थी, जिसे अब हटा दिया गया है।
🪨 खनिज खोज के लिए बनेगा SMET
स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) के गठन को भी मंत्रिपरिषद ने हरी झंडी दे दी है। यह ट्रस्ट गौण खनिजों की खोज, तकनीकी विकास और लॉजिस्टिक सुविधाओं पर कार्य करेगा।
इसमें खनिज रॉयल्टी का 2% हिस्सा जोड़ा जाएगा और भारत सरकार के नेशनल मॉडल की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा।
🤝 सामाजिक समावेशन की दिशा में एक और कदम
नारायणपुर में संचालित रामकृष्ण मिशन आश्रम की सहयोगी संस्था ‘विश्वास’ को मुख्य संस्था में शामिल (मर्ज) किया गया है। इससे वहां चल रही सामाजिक व स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
18 जून की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नीति, शिक्षा, वन्यजीव संरक्षण, ग्रामीण उद्योग, और प्रशासनिक लचीलापन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। इन निर्णयों से न सिर्फ पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और विकास के नए अवसर भी मिलेंगे।




















