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विवेचना से न्याय तक: बालोद पुलिस की विशेष कार्यशाला में कानून, तकनीक और संवेदनशीलता का मिला संगम

बालोद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कानून व सड़क सुरक्षा पर विशेष कार्यशाला, JJ एक्ट से लेकर राहवीर योजना तक मिली अहम जानकारी

बालोद,पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालोद में शनिवार को एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें किशोर न्याय, महिला अपराधों की विवेचना, अवैध अप्रवासी, सड़क दुर्घटना प्रबंधन और “राहवीर योजना” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को जानकारी दी गई।

कार्यशाला की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने की। मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय कुमार सोनी, JMFC डौंडीलोहारा सतप्रीत छाबड़ा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप उपस्थित रहीं। इन सभी ने किशोर न्याय अधिनियम (JJ ACT), महिला संबंधी अपराधों की संवेदनशील जांच, कानूनी प्रावधानों के तहत दोषियों को सजा दिलाने के उपाय समेत अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।

iRAD / eDAR एप्लीकेशन पर सड़क दुर्घटनाओं की डिजिटल एंट्री की दी ट्रेनिंग

कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों के डिजिटल प्रबंधन को लेकर iRAD-eDAR एप के उपयोग पर भी विशेष सत्र हुआ। डिस्ट्रिक्ट iRAD रोलआउट मैनेजर टिकेश्वर देशमुख ने राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को प्रशिक्षित किया कि कैसे सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक जानकारियां एप में दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुंचाई जा सकती हैं।

यह एप्लीकेशन पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और हाईवे जैसे विभागों को एकीकृत कर दुर्घटनाओं के विश्लेषण में सहायक होगा और भविष्य में सड़क सुरक्षा के उपायों को सशक्त करेगा।

1.5 लाख तक कैशलैस उपचार व राहवीर योजना की जानकारी भी साझा

सड़क हादसों में घायलों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलैस इलाज की सरकारी योजना के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया। साथ ही, “राहवीर योजना” की भी जानकारी दी गई जिसके तहत यदि कोई नागरिक गंभीर घायलों को “गोल्डन आवर” के भीतर अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

गौ-तस्करी, अवैध अप्रवासी और ऑपरेशन तलाश पर भी मिले निर्देश

कार्यशाला के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि: गौवंश तस्करी और अवैध अप्रवासियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

“ऑपरेशन तलाश” के तहत गुमशुदा व्यक्तियों की दस्तयाबी के मामलों की नियमित समीक्षा हो।

किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन पूरी गंभीरता से किया जाए।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, सीएसपी डॉ. चित्रा वर्मा, डीएसपी राजेश बागडे, डीएसपी बोनीफास एक्का समेत समस्त थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित थे।

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