नई दिल्ली/बालोद। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, महान राजनीतिज्ञ, ओजस्वी वक्ता और संवेदनशील कवि भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर भारत सरकार द्वारा एक सौ रुपये का चालीस ग्राम शुद्ध चाँदी का स्मृति सिक्का जारी किया गया है। यह सिक्का उनके अद्वितीय योगदान और अमर स्मृतियों को समर्पित है।

अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 1996 में 13 दिन के लिए, फिर 1998 से 1999 तक और तीसरी बार 1999 से 2004 तक उन्होंने देश का नेतृत्व किया।
उनके कार्यकाल में भारत ने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण कर परमाणु शक्ति राष्ट्र के रूप में विश्व में अपनी पहचान बनाई। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना जैसी ऐतिहासिक योजनाओं से देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी।
राजनीति के साथ-साथ अटल जी की पहचान एक भावुक और संवेदनशील कवि के रूप में भी रही है। उन्हें 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनका निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ, लेकिन आज भी वे अपने विचारों, कार्यों और कविताओं के माध्यम से लोगों के दिलों में जीवित हैं।

ज्ञातव्य है कि 2018 में उनके निधन के पश्चात भी भारत सरकार ने 100 रुपये का चाँदी का स्मृति सिक्का जारी किया था। बालोद (छत्तीसगढ़) के वरिष्ठ सिक्का संग्राहक डॉ. प्रदीप जैन के संग्रह में वाजपेयी जी के दोनों स्मृति सिक्के सुरक्षित रूप से उपलब्ध हैं।

भारत सरकार समय-समय पर ऐसे महान विभूतियों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस प्रकार के स्मृति सिक्के जारी करती है — यह केवल धातु के टुकड़े नहीं, बल्कि इतिहास और प्रेरणा का जीवंत प्रतीक होते हैं।




















