प्रदेश रूचि

खुरसुनी जनसमस्या शिविर बना सौगातों का मंच, 929 आवेदनों का मौके पर निपटाराबालोद में महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, किसका दांव पड़ेगा भारी?…पढ़े पूरी खबर सिर्फ प्रदेशरुचि पर…ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता, हर माह होगी बैठक, प्रतिभावान बेटियों के सम्मान का संकल्पआईटीआई में पढ़ाई छोड़ छात्रों से मजदूरी, निर्माण कार्य के दौरान छात्र घायल हादसे में दोनों हाथों की पांच उंगलियां कटीं, छात्रों ने वर्षों से श्रम कराने का लगाया आरोपराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर बालोद में प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए पानी को लेकर हुई सार्थक चर्चा

बालोद में मिला कोरोना का मामला: 78 वर्षीय बुजुर्ग संक्रमित, रायपुर में जारी है इलाज, जिला अस्पताल में नहीं है RT-PCR जांच सुविधा

 

बालोद, छत्तीसगढ़ | बालोद जिले से एक बार फिर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ग्राम चारवाही निवासी एक 78 वर्षीय बुजुर्ग की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। फिलहाल मरीज का इलाज राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम निगरानी में है।

मरीज की हालत स्थिर, लेकिन चिंता कायम

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग को कुछ दिन पहले सांस लेने में दिक्कत और हल्के बुखार की शिकायत हुई थी। परिजनों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां RT-PCR जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और सतर्कता पर सवाल उठ रहे हैं।

233 स्वास्थ्य केंद्रों में हुआ था मॉक ड्रिल, लेकिन बड़ी कमी उजागर

गौरतलब है कि ठीक तीन दिन पहले ही जिले के सभी 233 स्वास्थ्य केंद्रों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य अमले ने दावा किया था कि कोरोना जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है। जिला अस्पताल बालोद में 20 बिस्तरों का एक आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया गया है।

लेकिन इन दावों की पोल अब खुद एक पॉजिटिव केस ने खोल दी है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बालोद जिला अस्पताल में अभी भी RT-PCR जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संक्रमण की पहचान में देरी हो सकती है, जिससे वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय लोग हैं चिंतित, जिम्मेदारों से जवाब की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं कि जब तैयारी पूरी बताई गई थी तो जिले में जांच की सबसे बुनियादी सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध है?

क्या बोले स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार?

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड को एक्टिव कर दिया गया है और प्राथमिकता के आधार पर संदिग्ध मरीजों की निगरानी की जा रही है। RT-PCR जांच सुविधा के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द व्यवस्था होने की उम्मीद है।

अपील कोरोना के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए आम जनता से अपील है कि वे मास्क पहनें, हाथ धोते रहें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!