बालोद।जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बालोद विद्युत कार्यालय का घेराव कर सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। गर्मी के इस भीषण मौसम में घंटों की बिजली कटौती और बिगड़ती व्यवस्था के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बालोद शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना किसी सूचना के की जा रही विद्युत कटौती से आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली विभाग की इस अनियमितता से न सिर्फ घरेलू उपभोक्ता, बल्कि किसान वर्ग भी बुरी तरह परेशान है। फसलों को नुकसान हो रहा है और बिजली उपकरणों के खराब होने की शिकायतें बढ़ रही हैं।
धरना स्थल पर पहुंचे विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर ज्ञापन लिया और समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि इस दौरान विभागीय अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कई सवालों के जवाब अधिकारी नहीं दे सके, जिससे प्रदर्शनकारी और आक्रोशित हो गए।

युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रशांत बाला और प्रशासनिक महामंत्री आदित्य दुबे ने कहा कि “बिजली विभाग की लापरवाही और सरकार की चुप्पी के कारण जनता का जीना मुहाल हो गया है। बिना किसी समय-सारणी के की जा रही बिजली कटौती से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह नल आने के समय बिजली गुल हो जाती है, जिससे पानी की किल्लत हो जाती है।”
युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, समय-सारणी लागू करने, और कम वोल्टेज की समस्या के समाधान की मांग की है। प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से विधानसभा अध्यक्ष संदीप साहू, शहर अध्यक्ष साजन पटेल, पार्षद सुमित शर्मा, जनपद सदस्य मोहनीश पारकर, कार्यकारिणी अध्यक्ष अंचल साहू, वैभव साहू, दीपक सानू पाल, फैल अली, आयुष राजपूत, अजहर तिगाला, देवराज ध्रुव, मनोज नेताम, सन्नी नेताम, लोकेश बघेल, विक्की साहू और अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो बड़ा जनांदोलन छेड़ा जाएगा।




















