रायपुर। प्रदेश भर में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। सर्व शिक्षक साझा मंच के प्रांत संचालक वीरेंद्र दुबे और प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा के नेतृत्व में राजधानी रायपुर सहित राज्य के कई जिलों में इस प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया जा रहा है। भारी अनियमितताओं, पारदर्शिता के अभाव और पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग के आरोपों के बीच रायपुर में आज की काउंसलिंग स्थगित कर दी गई है।

संगठन का आरोप है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में न तो दावा-आपत्ति का अवसर दिया गया और न ही नियमों का पालन किया गया। राजधानी रायपुर में तो अतिशेष शिक्षकों की सूची तक जारी नहीं की गई, इसके बावजूद काउंसलिंग आयोजित की जा रही थी। विरोध के दौरान जब वीरेंद्र दुबे और धर्मेश शर्मा ने प्रक्रिया में भारी विसंगतियाँ देखीं तो इसकी शिकायत संभागीय आयुक्त से की, जिसके बाद विभाग को काउंसलिंग स्थगित करनी पड़ी।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने बताया कि अलग-अलग जिलों में अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। बीईओ और डीईओ स्तर पर मनमर्जी से अतिशेष शिक्षकों का चयन किया गया है। कहीं वरिष्ठ शिक्षकों को हटाया गया है तो कहीं कनिष्ठों और परिवीक्षावधीन शिक्षकों को संरक्षण दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर रिक्त पदों से कई गुना अधिक शिक्षकों को अतिशेष घोषित कर दिया गया है। कई स्थानों पर पदस्थापना दी गई है जबकि बाकी पदों को छुपाकर रखा गया है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इन पदों का उपयोग चहेतों को उपकृत करने या लेन-देन के लिए किया जा सकता है।
प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है। अतिशेष सूचियों में भारी विसंगतियाँ हैं, विषय का ध्यान नहीं रखा गया, वरिष्ठ शिक्षकों को हटाया गया और कनिष्ठों को बरकरार रखा गया है।

कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया विवादित है और गंभीर त्रुटियों से ग्रस्त है। पुलिस और प्रशासन के दबाव में हर जिले में काउंसलिंग को भयावह बना दिया गया है। शिक्षक दहशत और निराशा में हैं क्योंकि अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
संगठन के मुताबिक, बिना किसी दावे-आपत्ति के निपटारे और बिना सत्यापन के काउंसलिंग कर विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है। शालेय शिक्षक संघ और साझा मंच मिलकर पूरे प्रदेश में इस विसंगतिपूर्ण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। कई जिलों में काउंसलिंग स्थगित भी हुई है। रायपुर में आज की काउंसलिंग स्थगित कर अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए टाल दी गई है।

विरोध करने वाले पदाधिकारियों में वीरेंद्र दुबे, धर्मेश शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, जितेंद्र शर्मा के साथ सुनील सिंह, विष्णु शर्मा, डॉ. सांत्वना ठाकुर, सत्येंद्र सिंह, विवेक शर्मा, गजराज सिंह, राजेश शर्मा, शैलेश सिंह, प्रह्लाद जैन, संतोष मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिवेंद्र चंद्रवंशी, दीपक वेंताल, यादवेंद्र दुबे, सर्वजीत पाठक, मंटू खैरवार, पवन दुबे, नंदकुमार अठभैया, भोजराम पटेल, विनय सिंह, आशुतोष सिंह, भानु डहरिया, रवि मिश्रा, बिजेंद्रनाथ यादव, जितेंद्र गजेंद्र, अजय वर्मा, कृष्णराज पांडेय, घनश्याम पटेल, बुद्धेश्वर शर्मा, प्रदीप पांडेय, उपेंद्र सिंह, पवन साहू, मनोज पवार, देवव्रत शर्मा, कैलाश रामटेके, अब्दुल आसिफ खान, सरवर हुसैन, कुलदीप सिंह चौहान, नेमीचंद भास्कर, राजेश यादव, अमित सिन्हा, विक्रम राजपूत, सुशील शर्मा, विजय जाटवर, शशि कठोलिया, विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख, तिलक सेन, द्वारिका भारद्वाज, लोमन वर्मा, सत्येंद्र ताम्रकार, राजकुमार साहू, किशन साहू आदि शामिल रहे।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि युक्तियुक्तकरण की वर्तमान प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए और सभी शिक्षकों को न्याय मिले। संगठन का कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा।




















