रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ये निर्णय प्रशासनिक सुधार, सांस्कृतिक सशक्तिकरण, खेलों के विकास, किफायती आवास, और युवाओं के प्रोत्साहन जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं।
स्थानांतरण नीति 2025 को मंजूरी
कैबिनेट ने वर्ष 2025 के लिए राज्य की स्थानांतरण नीति को स्वीकृति दी। इसके तहत स्थानांतरण प्रक्रिया 6 जून से शुरू होगी और 25 जून तक चलेगी। राज्य स्तरीय आदेश ई-ऑफिस प्रणाली से जारी किए जाएंगे। पारदर्शिता, संतुलन और मानवता को ध्यान में रखते हुए विशेष स्थितियों—जैसे गंभीर बीमारी, विकलांगता और सेवानिवृत्ति से पूर्व—में सुविधा दी जाएगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए एवजीदार अनिवार्य होगा।
दामाखेड़ा बना “कबीर धर्मनगर”
संत कबीर की आध्यात्मिक भूमि, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दामाखेड़ा ग्राम पंचायत का नाम अब आधिकारिक रूप से “कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा” हो गया है। यह घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा फरवरी 2024 में आयोजित मांघी मेला के दौरान की गई थी।
ग्राम पंचायतों के नाम बदले
मंत्रिपरिषद ने कबीरधाम जिले के दो पंचायतों—गदहाभाठा और चण्डालपुर—के नाम बदलकर क्रमशः सोनपुर और चन्दनपुर कर दिए जाने का निर्णय लिया।
नवा रायपुर में होगा ‘कलाग्राम’
छत्तीसगढ़ की कला और लोकसंस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए नवा रायपुर में 10 एकड़ भूमि पर कलाग्राम की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र शिल्पकारों और लोक कलाकारों को राष्ट्रीय मंच देगा।
राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी को हरी झंडी
खेलों को बढ़ावा देने के तहत नवा रायपुर में 13.47 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसमें अत्याधुनिक आउटडोर-इनडोर रेंज, हॉस्टल व आवासीय सुविधाएं होंगी।
किफायती भूखंड नीति लागू
राज्य में किफायती जन आवास नियम 2025 के अंतर्गत निम्न व मध्यम वर्ग को सस्ते भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी, बल्कि संगठित कॉलोनियों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
“छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान” की शुरुआत
राज्य सरकार ने उत्कृष्ट युवाओं और संगठनों को सम्मानित करने के लिए “छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना” शुरू की है। हर वर्ष एक युवा और एक संस्था को विशेष योगदान के लिए नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा 13 क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
कोच नियुक्ति मानकों में शिथिलीकरण
राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्था पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा की शर्त को एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिल कर दिया गया है, जिससे प्रशिक्षक पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त होगा।
“छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30” को मंजूरी
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति लागू की गई है। इसका उद्देश्य है बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार देना और गांवों की कला-संस्कृति से पर्यटकों को जोड़ना।
कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि संस्कृति, युवा शक्ति और ग्रामीण पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम गढ़ने की दिशा में एक और सशक्त कदम बढ़ा चुका है।




















