बालोद। मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आरंभ किए जा रहे “संकल्प से सिद्धि” जनसंपर्क महाअभियान को लेकर बालोद जिला संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है। जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि “यह अभियान केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनसेवा के 11 वर्षों की यात्रा का सार्वजनिक आभार है।”
देशमुख ने स्पष्ट किया कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जो संकल्प लिए गए थे, वे आज 2025 की देहरी पर सिद्धि की ओर अग्रसर हैं — भारत आज चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में है, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए सैन्य शौर्य दुनिया ने देखा, और जनकल्याण की योजनाएं आज हर गांव-हर घर तक पहुंच रही हैं।
बालोद जिले में इस महाअभियान की कमान जिला महामंत्री राकेश ‘छोटू’ यादव के नेतृत्व में दी गई है, वहीं अभियान को धरातल तक पहुंचाने जिला उपाध्यक्ष ठाकुर रामचंद्रकार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ललित पीमन साहू, और आईटी सेल प्रदेश सदस्य हरीश कटझरे सहित 17 मंडलों में स्थानीय नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देशमुख ने कहा:”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना देखा था, वह अब जनभागीदारी से साकार होता दिख रहा है। हमारा उद्देश्य सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष संवाद है — जनता को यह अहसास कराना कि सरकार उनके द्वार नहीं, उनके साथ खड़ी है।”
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
9 जून से 21 जून तक चलेगा यह अभियान।
प्रत्येक मंडल में संयोजकों की नियुक्ति हो चुकी है।
योजनाओं की सफलता को आधार बनाकर जनसंवाद और संपर्क किया जाएगा।
पर्यावरण दिवस, आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ, महिला-सशक्तिकरण, युवा कौशल जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मंडलवार संयोजन:
प्रत्येक मंडल में समर्पित संयोजकों की नियुक्ति की गई है। जैसे बालोद मंडल में नरेंद्र सोनवानी, कमलेश गौतम और राकेश बाफना; गुरुर मंडल में धर्मेंद्र साहू, लिखेश्वर साहू व ताम्रध्वज यादव सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसी तरह डौंडी, डौंडी लोहारा, गुंडरदेही, दल्ली राजहरा, सूरेगांव सहित सभी मंडलों में ज़मीनी टोली काम में जुट चुकी है।
भाजपा का यह अभियान न केवल सरकार के विकास कार्यों की प्रस्तुति है, बल्कि यह संगठनात्मक शक्ति और जमीनी नेटवर्क की गहराई का भी परिचायक है। बालोद जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख के नेतृत्व में यह स्पष्ट है कि बालोद भाजपा “संकल्प से सिद्धि” को केवल नारा नहीं इसको “जनभागीदारी का उत्सव बनाने की दिशा में अग्रसर है।




















