सरपंच मंजूलता साहू के नेतृत्व में ओरमा गांव ने दी सामाजिक चेतना की मिसाल, अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर पौधरोपण व नशामुक्ति संकल्प
बालोद | बालोद जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत ओरमा में शनिवार को इतिहास, पर्यावरण और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला। गांव की सरपंच मंजूलता परस साहू के नेतृत्व में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती न केवल श्रद्धा से मनाई गई, बल्कि इसे समाजहित में उपयोगी बनाते हुए एक प्रेरणादायक आयोजन में बदला गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंचायत भवन परिसर में छायादार पौधरोपण से हुई, जहां सरपंच मंजूलता साहू की पहल पर तीन पेड़ लगाए गए। उन्होंने बताया कि “अहिल्याबाई केवल एक शासिका नहीं थीं, बल्कि वे समाज सुधार की प्रतीक थीं। उनके आदर्श आज भी हमें सेवा, न्याय और समाज कल्याण की प्रेरणा देते हैं।”
पंचायत सचिव संतोष साहू ने भी अहिल्याबाई की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को उनके जीवन से सीख लेने की बात कही। इसके बाद विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर उन्होंने नशा मुक्ति का संदेश दिया और उपस्थित सभी लोगों से नशा छोड़ने का आग्रह किया।
इस प्रेरणादायक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। उप सरपंच रामचंद्र यादव, पंच डोमार कुंभकार, सुदामा साहू, सगुना साहू, संतोष साहू, शिव भजन यादव, विश्वंत भारद्वाज की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष मजबूती दी।
साथ ही सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं में साहू समाज के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू, भूतपूर्व जनपद सदस्य बंधु लाल यादव, कमलेश साहू, बल्लू साहू, फागु सोनकर, गोरेलाल साहू, रामलाल साहू, अभिजीत श्रीवास्तव, डॉ. विश्वंत भारद्वाज समेत अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गांव की महिलाएं भी इस आयोजन में आगे रहीं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कमलेश्वरी साहू, सक्रिय महिला बिना साहू और स्व सहायता समूह की अनेक सदस्याओं की उपस्थिति ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
सरपंच मंजूलता साहू ने यह स्पष्ट किया कि गांव के विकास और सामाजिक चेतना के लिए वे लगातार इस तरह के आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेंगी।
यह आयोजन न केवल अतीत को स्मरण करने का माध्यम बना, बल्कि पर्यावरण रक्षा और सामाजिक बुराइयों से लड़ने के लिए एकजुटता का प्रतीक भी बन गया।




















