बालोद/देवरी। “सशक्त नारी ही समर्थ समाज की नींव होती है।” इसी संकल्प को साकार करने हेतु संकल्प जन सेवा समिति देवरी एवं जीवनदान सेवा संस्था भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 26 से 28 मई तक नर्मदाधाम सुरसुली मैदान में किया गया। शिविर का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व की भावना को प्रज्वलित करना था।

इस शिविर में 30 छात्राओं ने भाग लिया, जिनके लिए पीले और हरे रंग की टी-शर्ट को ड्रेस कोड के रूप में निर्धारित किया गया। तीन दिन के इस अभ्यास में छात्राओं ने सीखा कि जब विपरीत परिस्थितियां सामने हों, तो डर नहीं, बल्कि दृढ़ता और रणनीति से काम लेना चाहिए।
प्रशिक्षण प्रदान किया सेना से सेवानिवृत्त आत्मरक्षा प्रशिक्षक योगेश्वर मानिकपुरी ने, जिन्होंने न सिर्फ शारीरिक तकनीकों की जानकारी दी, बल्कि मानसिक दृढ़ता और सजगता को आत्मरक्षा का मूलमंत्र बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को हाथों की मजबूती, तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता और मानसिक सतर्कता की व्यावहारिक तकनीकों का अभ्यास कराया।

शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षक मानिकपुरी जी का सम्मान ग्राम पंचायत सुरसुली के सरपंच ईश्वर देवांगन एवं आयोजन समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें शिक्षक माधव साहू, खिलेश्वरी साहू (प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा, ओबीसी महासभा, छत्तीसगढ़), सागर देवांगन, महेश देवांगन, वोमेंद्र साहू, महेंद्र साहू, एवं समिति के अध्यक्ष भरत देवांगन प्रमुख रूप से शामिल थे।
इस शिविर ने केवल आत्मरक्षा की तकनीकों को ही नहीं सिखाया, बल्कि प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना का भी विकास किया। यह शिविर एक उदाहरण है कि कैसे छोटे-छोटे प्रयास भी युवाओं विशेषकर छात्राओं को आत्मनिर्भर और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना सकते हैं।




















