बालोद, – छत्तीसगढ़ में अब जमीन की रजिस्ट्री होगी आसान, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर ‘रजिस्ट्री में 10 क्रांतियां’ की शुरुआत को लेकर बालोद में आयोजित कार्यशाला में सांसद भोजराज नाग ने कहा कि “यह बदलाव न सिर्फ सुशासन की बेमिसाल मिसाल है, बल्कि हर आम नागरिक के लिए राहत की बड़ी सौगात है।”
सांसद भोजराज नाग ने कहा, “ब्रिटिश काल से चल रहे पुराने नियमों के कारण लोगों को भारी दिक्कतें होती थीं। लेकिन अब आधार सत्यापन, ऑनलाइन सर्च, कैशलेस भुगतान, डिजीलॉकर जैसी आधुनिक सेवाओं से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी।”

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि “इन दस सुधारों में घर बैठे रजिस्ट्री, ऑटो डीड जनरेशन, डिजी डॉक्यूमेंट, व्हाट्सएप अपडेट और रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन आम जनता को रजिस्ट्री से जुड़े झंझटों से पूरी तरह मुक्त करेगा।”
भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने इसे “डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताया और कहा कि “सरकार ने जमीन खरीदार और विक्रेता दोनों के अधिकारों की रक्षा करते हुए एक पारदर्शी प्रणाली दी है।”
जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि “यह सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आमजन के जीवन को आसान बनाने की दिशा में क्रांतिकारी प्रयास है।”
कार्यशाला में कलेक्ट्रेट टीम द्वारा नई सुविधाओं की जानकारी विस्तार से दी गई। जनता अब खसरा नंबर से ऑनलाइन सर्च, डिजीलॉकर से सुरक्षित दस्तावेज, व्हाट्सएप अपडेट, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, स्वतः नामांतरण, फर्जी रजिस्ट्री से सुरक्षा और घर बैठे रजिस्ट्री जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेगी।

कार्यक्रम में प्रतिभा चौधरी (नपाध्यक्ष बालोद), तोरण लाल साहू (नपाध्यक्ष दल्लीराजहरा), प्रमोद जैन (नगर पंचायत अध्यक्ष गुण्डरदेही), यशवंत जैन, यज्ञदत्त शर्मा, पवन साहू, कृष्णकांत पवार समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मीडिया कर्मी शामिल हुए।
जिला पंजीयक प्रियंका श्रीरंगे ने आभार प्रदर्शन करते हुए इस नई व्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।




















