बालोद, बालोद जिले में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 के परिणामों ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। 15 शासकीय स्कूलों में परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत या उससे भी नीचे रहा, जिस पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने इन सभी स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है। यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि स्पष्टीकरण असंतोषजनक हुआ, तो संबंधित संस्था प्रमुखों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा।
जिन स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है उनमें प्रमुख रूप से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल निपानी, राणाखुज्जी, अरमरीकला, और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेरथाबाजार, पिनकापार, छेड़िया, खोलझर, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही, बरबसपुर, बेलमांड, भंडेरा, तथा डौंडी का शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।
कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। यह कदम साफ संकेत देता है कि अब लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं सवाल यह भी उठता है कि जब साल दर साल परिणाम गिरते रहे, तब शिक्षा विभाग ने पहले से ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?
यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी या जिले की शिक्षा व्यवस्था में वाकई बदलाव लाएगी – अब सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं।




















