सब-हेडलाइन: महिलाएं, समाजसेवी, जनजातीय व दिव्यांग नायकों को दिलाएं सम्मान, आम नागरिक भी कर सकते हैं सिफारिश
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों — पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री — के लिए नामांकन और सिफारिशों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 15 मार्च 2025 से आरंभ हुई यह प्रक्रिया 31 जुलाई 2025 तक जारी रहेगी। इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पद्म पुरस्कारों की स्थापना 1954 में की गई थी और तब से हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर इनकी घोषणा की जाती है। ये पुरस्कार उन व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, उद्योग, लोक प्रशासन जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण कार्य किया है।
सरकार की मंशा इन पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने की है, जिससे हर क्षेत्र के असली नायकों को पहचाना और सम्मानित किया जा सके। कोई भी नागरिक, जाति, लिंग, या वर्ग के भेदभाव के बिना, इस सम्मान का पात्र हो सकता है। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। हालांकि, सरकारी सेवकों को यह पुरस्कार देने की अनुमति नहीं है, सिवाय चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के।
नामांकन के दौरान, अनुशंसित व्यक्ति की उपलब्धियों का विवरण (अधिकतम 800 शब्दों का citation) भी आवश्यक है। यह विवरण स्पष्ट रूप से संबंधित क्षेत्र में किए गए असाधारण कार्यों पर केंद्रित होना चाहिए।
अधिक जानकारी और दिशा-निर्देश गृह मंत्रालय की वेबसाइट https://mha.gov.in और पद्म पुरस्कार पोर्टल https://padmaawards.gov.in पर उपलब्ध हैं।




















