कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद भोजराज नाग ने अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर प्रकाश डाला और उन्हें भारतीय संस्कृति की सच्ची साधिका बताया। उन्होंने कहा, “अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासनकाल में जनता की भलाई के लिए अनेक कार्य किए, जिनमें बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, मंदिरों का जीर्णोद्धार और जल स्रोतों का निर्माण शामिल हैं। वे नारी शक्ति और धर्मपरायणता का अनुपम उदाहरण थीं।”

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्व विधायक रंजना साहू ने अहिल्याबाई के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “मात्र 12 वर्ष की उम्र में विवाह और फिर युवावस्था में ही विधवा होने के बावजूद अहिल्याबाई ने न सिर्फ राज्य की बागडोर संभाली, बल्कि उसे सुव्यवस्थित और समृद्ध बनाया। जलसंचय, किसानों की आय वृद्धि, महिला शिक्षा और धार्मिक पुनरुत्थान जैसे कार्यों में उनका योगदान आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने सिद्ध किया कि पुरुषार्थ केवल पुरुषों की बपौती नहीं।”
जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि 300 वर्षों बाद भी लोकमाता के कार्य और आदर्श समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। वहीं, निवर्तमान जिला अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि “जो कार्य आज सुशासन और पर्यावरण संरक्षण के तहत हो रहे हैं, वे सभी 300 वर्ष पूर्व ही अहिल्याबाई ने आरंभ कर दिए थे। यह उनकी दूरदर्शिता का परिचायक है।”
कार्यशाला में यशवंत जैन, कृष्णकांत पवार, लेखराम साहू, तारिणी चंद्राकर, प्रतिभा चौधरी, नीतू सोनवानी, लक्ष्मी साहू, कमलेश सोनी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने एक स्वर में अहिल्याबाई होलकर को भारत की असली लोकमाता बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।




















