इस घटना की शुरुआत 14 मई को हुई थी और बीते दो दिनों में पीलिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीमार ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के बाद दुर्ग जिले के निकुम स्वास्थ्य केंद्र और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया और गांव में ही स्वास्थ्य शिविर लगाकर इलाज शुरू कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जिला स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य मेडिकल स्टाफ कुर्सीपार गांव पहुंच चुके हैं और स्थिति की बारीकी से जांच की जा रही है। विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि जिस पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी सप्लाई हो रहा था, उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जब तक नई पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक पानी को उबालकर ही उपयोग करें।
गुंडरदेही एसडीएम ने भी घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और जल विभाग के कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने गांव की साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
गांव में लगातार स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बनी हुई है, ताकि किसी भी नए मामले को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अमले की सक्रियता से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।




















