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सावधान! ठगों का नया पैंतरा – बालोद में खुला बड़ा साइबर फ्राॅड का जाल

बालोद पुलिस की सटीक कार्रवाई: साइबर ठगी के दो आरोपियों को MP से दबोचा, बड़ा गिरोह बेनकाब होने की संभावना!

बालोद, क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर ठग आखिरकार बालोद पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर और भोपाल से आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है।

क्या है मामला?
थाना देवरी क्षेत्र के एक निवासी के पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि उसका क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है। इसके बाद आरोपी ने झांसे में लेकर ओटीपी मंगाया और पीड़ित के खाते से दो बार में कुल 59,329 रुपये उड़ा लिए।

जैसे ही पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, देवरी थाना में अपराध क्रमांक 179/24 धारा 420 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया।

तेज़ी से जुटी पुलिस और साइबर सेल की टीम
जांच शुरू करते हुए साइबर सेल और पिंकापार चौकी की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी निकाली। ठगी की रकम कोटक महिंद्रा बैंक के खाते नंबर 7247477336 में गई, जो महेंद्र कुशवाह नामक व्यक्ति के नाम पर था।

इस पुख्ता सुराग के बाद पुलिस टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया गया। ग्वालियर में आरोपी महेंद्र कुशवाह (उम्र 21) को पकड़ा गया और फिर भोपाल में दूसरे आरोपी शंकर प्रजापति (उम्र 31) को भी धरदबोचा गया। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इनके पीछे कोई संगठित साइबर ठग गिरोह काम कर रहा है।

टीम की शानदार भूमिका:
इस पूरे ऑपरेशन में चौकी प्रभारी अजित महोबिया, प्रधान आरक्षक थालेश्वर सुधाकर, आरक्षक चिमन सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक जोगेन्द्र साहू, आरक्षक योगेश गेडाम, पूरन देवांगन, योगेश पटेल और गुलझारी साहू की विशेष भूमिका रही।

वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में ऑपरेशन को मिली सफलता
इस कार्रवाई को पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज  राम गोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक  योगेश कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  मोनिका ठाकुर और एसडीओपी बालोद  देवांश सिंह राठौर के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

अब आगे क्या?
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह साइबर ठग देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस इनकी कॉल डिटेल, खातों की जांच और डिजिटल डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच कर रही है, जिससे इनके पूरे नेटवर्क का खुलासा संभव हो सकता है।

बालोद पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि साइबर ठग चाहे कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून के हाथों से बच नहीं सकते। यह कार्रवाई आने वाले समय में ऐसे अपराधों पर नकेल कसने में मील का पत्थर साबित होगी।

क्यों खास है ये केस?

ठगी का तरीका बेहद स्मार्ट लेकिन खतरनाक – लोगों की घबराहट का फायदा उठाते थे।

इंटरस्टेट ऑपरेशन – दो राज्यों की पुलिस को चकमा देकर घूम रहे थे आरोपी।

आगे हो सकता है बड़े गिरोह का खुलासा – पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

 

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