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“छत्तीसगढ़ में अतिथि व्याख्याताओं का फूटा आक्रोश, सांसद को सौंपा ज्ञापन – समान वेतन और स्थायीत्व की उठी मांग”

 

अतिथि व्याख्याताओं ने सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण और समान वेतन की उठाई मांग

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की उपेक्षा से नाराज़ हैं शासकीय महाविद्यालयों में वर्षों से सेवा दे रहे व्याख्याता

बालोद/रायपुर।छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे अतिथि व्याख्याताओं ने अब अपनी समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अतिथि व्याख्याता पीएचडी, नेट, सेट कल्याण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और नीति में सुधार की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में कार्यरत अधिकांश अतिथि व्याख्याता UGC द्वारा निर्धारित योग्यताओं जैसे पीएचडी, नेट और सेट से सुशोभित हैं। ये व्याख्याता प्रदेश के अलग-अलग महाविद्यालयों में कई वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं और उन्हें गंभीर अनुभव भी प्राप्त है। इसके बावजूद न तो उन्हें स्थायीत्व मिला है और न ही न्यायसंगत वेतन।

अन्य राज्यों से तुलना में छत्तीसगढ़ पिछड़ा
ज्ञापन में कहा गया कि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याताओं को एकमुश्त वेतन दिया जा रहा है और उनकी सेवा को सम्मान मिला है, लेकिन छत्तीसगढ़ में आज भी कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है जिससे वे खुद को शोषित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

नई शिक्षा नीति के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग उदासीन
अतिथि व्याख्याताओं ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने अतिथि शिक्षकों के पद को संरक्षित कर दिया है।

2024 की नीति में विसंगतियां, वेतन कटौती पर सवाल
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि अतिथि व्याख्याता नीति 2024 में कई विसंगतियां हैं, जिन पर उच्च शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया गया है। इसके अलावा “समान कार्य, समान वेतन” के न्यायालयीय निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि मतदान दिवस के वेतन का भुगतान भी शासनादेश के बावजूद नहीं हुआ है।

राज्य शासन के आदेशों की हो रही अनदेखी
व्याख्याताओं का कहना है कि कई बार राज्य शासन के स्पष्ट निर्देशों को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नजरअंदाज किया गया है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।

सांसद ने दिया सकारात्मक आश्वासन
ज्ञापन के दौरान सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल ने व्याख्याताओं की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे और समाधान के लिए प्रयास करेंगे।

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