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अव्यवस्थाओं के बीच सुविधाओ की बाट जोह रहा बालोद शहर का एकमात्र स्टेडियम

बालोद। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी तथा जिम्मेदार पालिका प्रशासन की लापरवाहियों के चलते स्टेडियम में जिला एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के लायक भी नहीं रह गया। जिला मुख्यालय के गंजपारा स्थित स्टेडियम में समय समय पर जिला एवं राज्य स्तरीय शासकीय व अशासकीय कार्यक्रमों का आयोजन होने के पश्चात् भी स्टेडियम की बदहाल स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। वर्तमान में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान स्टेडियम में आए विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं जनसमूह को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भटकते देखा गया।

 

 

खेल प्रतियोगिता के लायक नहीं रह गया वुडन इंडोर स्टेडियम

 

स्टेडियम के समीप ही करोड़ों रूपए खर्च कर बनाया गया वुडन इंडोर स्टेडियम पूर्णत: भ्रष्टाचार का नमूना बनकर रह गया है । जिन खेलों के नाम पर उक्त वुडन इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया गया था उनमें से एक भी खेल प्रतियोगिता के लायक भी नहीं रह गया है। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी तथा जिम्मेदार पालिका प्रशासन की लापरवाहियों के चलते स्टेडियम जिला एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के लायक भी नहीं रह गया। स्टेडियम में विभिन्न खेलों से संबंधित खिलाड़ियों तथा वर्तमान में अग्निवीर, पुलिस, अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए अभ्यास करने वाले युवा वर्ग भी स्टेडियम की दुर्दशा देखकर अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।

 

असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है स्टेडियम परिसर

 

स्टेडियम परिसर की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होने से दिन ढलते ही स्टेडियम परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है जहां शराब की खाली बोतलें, अपशिष्ट प्लास्टिक पदार्थ आसानी से देखे जा सकते है। स्टेडियम में दिन ढलते ही अंधेरा कायम हो जाता है जहां समुचित लाईट की कोई व्यवस्था नहीं है, परिसर स्थित महिला, पुरूष शौचालय देखने से ही लगता है कि बरसों से साफ सफाई नहीं की गई है।

 

स्टेडियम के प्रथम तल के अधिकांश कमरों के दरवाजे, खिड़की हो चुके गायब

 

बता दे कि शासन द्वारा स्टेडियम तथा वुडन इंडोर स्टेडियम में सुविधा विस्तार के लिए राशि स्वीकृत करने के साथ ही स्टेडियम की मरम्मत एवं रखरखाव के नाम पर पालिका प्रशासन द्वारा विभिन्न मदें से राशि खर्च किया जाता है लेकिन उक्त राशि से किया गया कार्य कुछ समय बाद ही व्यर्थ साबित होने लगता है। खिलाड़ियों के ठहरने के लिए कुछ वर्ष पूर्व स्टेडियम के प्रथम तल में दोनों तरफ 9-9 कमरे बनाए गए थे जहां वर्तमान में अधिकांश कमरों के दरवाजे, खिड़की गायब हो चुके हैं, कमरों की दशा भी खराब हो चुकी है।

 

बाथरूम, शौचालय उपयोग के लायक नहीं

 

बाथरूम, शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं जिसके चलते जिला एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में आने वाले खिलाड़ियों के मध्य जिला की छवि खराब होने लगी है। जिले के विभिन्न खेल संगठन तथा खिलाड़ियों ने जिला एवं नगर पालिका प्रशासन से उक्त दोनों स्टेडियम की दशा सुधारने की मांग की है जिससे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिताओं का विकास हो सके।

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