
बालोद।मंगलवार को बालोद जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रशांत बोकडे एवं उनके प्रतिनिधि मंडल ने 405 बच्चो के भविष्य के साथ नीट परीक्षा मे बालोद मे भारी गड़बड़ी देखने को मिली, बच्चों को गलत पेपर दिए जाने के मामले मे युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से बच्चों को न्याय दिलाने के मामले मे अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा कर 24 घंटे के भीतर अगर बच्चों के न्याय नहीं हुआ तो 930 नेशनल हाइवे को जाम करने की चेतावनी दी। इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल मे प्रसाशनिक महामंत्री आदित्य दुबे, युवा कांग्रेस महासचिव देवेंद्र साहू, सौरभ दुबे, नोमेश रामटेके, साहिल भट्ट मौजूद थे आदि सभी युवा कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
वही इस पूरे मामले में यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने बताया कि NEET के परीक्षा एजेंसी NTA द्वारा बालोद में सिटी कॉर्डिनेटर के रूप में बीएन योगी को नियुक्त किए जाने की बात सामने आई है लेकिन परीक्षा के बाद एग्जाम पेपर की फाइनल सीलिंग के लिए शासकीय कन्या स्कूल के प्राचार्य एम के ठावरे के द्वारा सिलिग करवाया गया । वही मामले में युंका अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा की इस परीक्षा को लेकर सिटी कॉर्डिनेटर की नियुक्ति भी संदेहों के घेरे में है तथा इस परीक्षा में बड़े घोटाले होने का भी आरोप लगाया गया है।
जबकि इस पूरे मामले में शासकीय कन्या स्कूल के प्राचार्य एम के ठावरे से चर्चा पर बताए की इस परीक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी बीएन योगी सर की थी वही जब जिम्मेदारी जब योगी सर की थी तो सिटी कॉर्डिनेटर की जगह उनके द्वारा परीक्षा के पत्रिकाओं का सीलिंग कैसे किए जाने की बात पर बोले की उसके लिए भी उनको बीएन योगी सर के द्वारा कहा गया था की आप भी सिटी कॉर्डिनेटर है आप फाइनल सीलिंग में हस्ताक्षर कर सकते है जिसके चलते उन्हें वहां हस्ताक्षर करना पड़ा।
दो दो सिटी कॉर्डिनेटर की नियुक्ति कैसे
पूरे मामले में तफ्तीश के बाद एक बड़ा सवाल सामने आया कि इस परीक्षा को लेकर दिल्ली में ट्रेनिंग बीएन योगी सर द्वारा लिया गया लेकिन जब मामला बिगड़ा तो दूसरा कॉर्डिनेटर की नियुक्ति कैसे कर दी गई ।
वही दूसरी बड़ी बात बीएन योगी को 23 10 2022 को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में 3 वर्षो तक के लिए सभी पारिश्रमिक कार्यों से वंचित किए जाने के आदेश जारी किया गया था वही इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग द्वारा बीते वर्षों में बोर्ड परीक्षा में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की बात भी सामने आई तो वही जिस शिक्षक को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी पारिश्रमिक कार्यों से वंचित किए जाने के आदेश के बाद NTA जैसे संस्था में जिम्मेदारी कैसे मिली।
जिस विभाग के भवन में परीक्षा हुआ उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं
आपको बतादे NEET की परीक्षा शहर के दो प्रतिष्ठित और पुराने स्कूल भवन में आयोजित की गई जो की जिला शिक्षा विभाग के अधीन है वही इस पूरे परीक्षा को लेकर बिना शिक्षा विभाग के जानकारी के स्कूल भवन का उपयोग कैसे कर दिया गया और पूरे मामले पर शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी कैसे नही दी गई क्या यह परीक्षा अचानक आयोजित किया गया या इसके पीछे कुछ और कारण है।
पूरे मामले पर एक और बड़ा खुलासा जल्द..पढ़ते रहे प्रदेशरुचि