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हौसले को सलाम..बालोद के इस मध्यम गरीब परिवार के बेटी का सेना में चयन…पहली बार नगर आगमन पर हुआ ऐतिहासिक स्वागत

 

बालोद। कहते हैं कि हिम्मत, हौसला और जज्बा हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। यही बालोद नगर की गरीब परिवार की प्रेरणा नाग ने किया, जिसने स्कूल की पढ़ाई के साथ ही कब्बड़ी खेलने और अपने पिता के साथ नया बस स्टेंड में गन्ना रस की दुकान चलाने वाली अब भारतीय जल सेना में चयन हुआ है। वैसे ही ये बालिका बचपन से हर खेल की कलाओं में माहिर रही हैं। कबड्डी खेल में तो महारत हासिल है। पढ़ाई के क्षेत्र में हमेशा अव्वल रहने वाली प्रेरणा नाग प्रदीप नाग की सुपुत्री है। प्रेरणा ने सपना बचपन से फौज में जाने का सपना देखा था। ऐसे में भारतीय जल सेना में चयन होने और ट्रेनिंग पूरा कर प्रेरणा नाग ने गुरुवार को जब बालोद के नया बस स्टेंड पहुंची तो नगरवासियों ने उसे पलकों पर बैठा लिया। शहर वालों ने बेटी को खुले कार पर बैठाकर उसका स्वागत किया। पूरे शहर में डीजे धूमाल व आतिशबाजी के साथ जुलूस निकाला गया।


बेटी ने पूरे परिवार के साथ साथ पूरे बालोद जिले का किया नाम रोशन

 

भारतीय जल सेना में चयन होने के बाद पहली बार अपने शहर आने पर प्रेरणा नाग का डीजे धूमाल और आतिशबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया गया। जिसके बाद शहर में जुलूस निकाली गई।प्रेरणा नाग खुले कार में स्वर होकर लोगो का अभिवादन कर रही थी।प्रेरणा की सफलता के बाद होनहार बेटी की हर कोई प्रशंसा करता नजर आया। प्रेरणा नाग के पिता प्रदीप नाग नया बस स्टेंड में गन्ने की रस की दुकान का संचालन करते है। पिता को आज अपनी बेटी की सफलता पर नाज़ है। पिता प्रदीप नाग बताते है कि आज बेटी ने पूरे परिवार के साथ साथ पूरे बालोद जिले का नाम रोशन किया है।


सभी बेटियों के लिये एक प्रेरणादायक साबित हुई प्रेरणा नाग

पिता प्रदीप नाग ने बताया कि मेरी बच्ची का बचपन से पढ़ाई के साथ साथ खेल के प्रति उनका रुझान रहा। उन्हें उत्साहित करने के लिये हमने कोई कसर नही छोड़ी। उनको बजरंग दल अखाड़ा भी जाने का शौक रहा। जहां उन्होंने अखाड़े में लठ्ठ चलाना, तैराकी तक सीखी। कबड्डी खेल में ब्लाक स्तर से तहसील, नगर, जिला व राज्य तक पहुंची। काफी पुरस्कार भी मिले। कड़ी मेहनत मां-बाप का लगाव अगर बच्चों के सही परवरिश पर ध्यान दिया जाय तो बच्चों को आगे बढ़ने से रोका नहीं जा सकता। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी बेटी सभी बेटियों के लिये एक प्रेरणादायक साबित हुई। आज नगर के साथ साथ राज्य और जिले का नाम ऊंचा की है जिसपर हम सबको नाज है।

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