बालोद (अजय अग्रवाल)- बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के महामाया क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट की पिछले लगभग 35 वर्ष से भी अधिक समय से संचालित लौह अयस्क खदान में बीएसपी प्रबंधन द्वारा ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर क्षमता से अधिक लौह अयस्क का परिवहन कर लाखों रुपए की रॉयल्टी चोरी सहित ओवरलोड परिवहन करवाने का मामला प्रकाश में आया है।
लगातार ओवरलोड गाड़ियों के चलते सड़को पर बढ़ते यातायात दबाव के बाद बालोद कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन एवं एसडीएम डौंडी के दिशा निर्देश पर नायब तहसीलदार बी रूद्रपति के द्वारा स्टेट हाईवे क्रमांक 5 पर ग्राम गोटूलमुंडा चौंक में।बीएसपी की महामाया और दुलकी माइंस से कच्चे माल को सड़क मार्ग से दल्ली राजहरा में स्थित बीएसपी के क्रेशर में ले जाने वाली वाहनों को रोककर जब कांटा पर्चियों का जांच किया गया और ग्राम खैरवाही में स्थित डामर प्लांट के निजी धर्मकांटा में गाड़ियों का वजन करवाया गया तो महामाया माइंस की गाड़ियों में एक से डेढ़ टन लौह अयस्क क्षमता से अधिक पाया गया। एसडीएम के निर्देश पर की जा रही कार्यवाही के बीच स्थानीय नेताओं ने भी कार्यवाही के दौरान हंगामा खडा करने का प्रयास किया गया वही मामले की जानकारी स्थानीय परिवहन।ठेकेदारों द्वारा बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों को भी दी गई लेकिन मौके पर बीएसपी के कोई भी अधिकारी नही पहुंचे।
इस पूरे मामले पर दल्लीराजहरा नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने बीएसपी प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए बोला कि बीएसपी के अधिकारी इसी प्रकार से क्षमता से अधिक लौह अयस्क का परिवहन करने की छूट ठेकेदार को देकर उसे लाभ पहुंचाती है और वहीं कांटा पर्ची से अधिक आयरन ओर परिवहन कर जो अतिरिक्त कच्चा माल प्लांट पहुंचता है उसे बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी अपनी गाड़ियों से परिवहन दिखाकर डीजल की खपत की राशि का बंदरबांट कर अपनी जेब भरने का काम करते है।
नायब तहसीलदार बी रूद्रपति ने बताया कि बीएसपी प्रबंधन के द्वारा महामाया और दुलकी माइंस में आयरन ओर परिवहन में चलने वाली गाड़ियों के वजन, कागजात, रायल्टी आदि की जांच की गई तो महामाया माइंस की 5 दस चक्का हाइवा और ढुलकी माइंस की दो बारह चक्का हाइवा में क्षमता से अधिक माल परिवहन किया जाना पाया गया, जिसका गाड़ी मालिकों के द्वारा विवाद करने के बाद दो बार कांटा करवाया गया और उसके बाद ओवरलोड परिवहन करने वाली सभी गाड़ियों को डौंडी थाना में खड़ा करवा दिया गया है।
वहीं इस पूरे मामले में जानकारी लेने संबंधित माइंस के बीएसपी अधिकारियों को फोन लगाया गया तो सभी ने अपने फोन बंद कर रखे थे।
गौरतलब है कि दल्लीराजहरा स्थित अयस्क खदान में होने वाले अयस्क परिवहन में हेराफेरी के मामले पहले भी आ चुके है लेकिन पूरा काम बीएसपी प्रबंधन के अंतर्गत किये जाने के चलते ज्यादातर मामले उजागर नही हो पाता । वही जिला प्रशासन के निर्देश पर हुई इस कार्यवाही से बीएसपी के अधिकारियों द्वारा ओवरलोड परिवहन के माध्यम किस तरह रॉयल्टी की चोरी कर सरकारी खजाने को ही चुना लगाने का कार्य किया जा रहा है इस कार्यवाही के बाद मामला उजागर हो गया। बहरहाल देखना होगा बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों के नाक के नीचे चल रहे आयरन ओर की इस अफरा तफरी के मामले को लेकर आगे किस तरह की कार्यवाही की जाती है।
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