Editor-santosh sahu
बालोद/ डौंडी (अजय अग्रवाल)-बालोद जिले के आदिवासी ब्लॉक डौंडी में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की इकाई भिलाई स्टील प्लांट की कई लौह अयस्क की खदानें पिछले लगभग 40 वर्षों से भी अधिक समय से संचालित हो रही है, जिसमे से प्रमुख तौर पर वनांचल क्षेत्र में स्थापित बहुत पुरानी महामाया माइंस और वर्तमान में नई दुलकी माइंस है, जहां से निरंतर बीएसपी प्रबंधन द्वारा ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से बड़ी बड़ी ब्लास्टिंग कर पहाड़ों का सीना चीरकर कच्चा लोहा निकाल कर दल्ली राजहरा में स्थित बीएसपी के क्रेशर में भेजा जाता है और वहां से एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े स्टील प्लांट भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित अनेकों प्रकार के उत्पाद बनाने में उपयोग किए जाने हेतु रेल मार्ग से क्रशिंग किए हुए कच्चे लोहे को भेजा जाता है।
उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा वर्तमान में महामाया एवं दुलकी माइंस का ठेका जिन फर्मों को दिया गया है उनके द्वारा माइंस से खोद कर कच्चे लोहे को 10 एवं 12 चक्का हाईवा के माध्यम से क्रेशर तक पहुंचाने का काम किया जाता है। शासन द्वारा निर्धारित नियमावली के साथ बीएसपी प्रबंधन द्वारा लौह अयस्क उत्खनन एवं परिवहन हेतु कार्यादेश ठेकेदारों को जारी किया जाता है, जिसमे परिवहन विभाग द्वारा व्यवसायिक उपयोग वाले वाहनों में निर्धारित मात्रा में लौह अयस्क ले जाने का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया जाता है, किंतु दोनो माइंस के ठेकेदारों के द्वारा बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी तरीके से लगभग डेढ़ से दो टन अधिक कच्चे माल का परिवहन भोले भाले गाड़ी मालिकों पर दबाव बनाकर हर ट्रीप में करवाया जाता है। इस प्रकार का अनैतिक कार्य बीएसपी प्रबंधन कुछ स्वार्थी नेताओं के संरक्षण में करवा कर शासन को रायल्टी की राशि का चूना लगाकर प्रतिमाह लाखों रुपयों की हेराफेरी करता है। जिसका खुलासा गुरुवार को एसडीएम डौंडी के दिशा निर्देश पर की गई कार्यवाही से हुआ, जिसमे उक्त माइंसों की सात हाईवा वाहनों में लगभग डेढ़ से दो टन अधिक कच्चे लोहे का परिवहन करवाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया और उनको बीएसपी प्रबंधन द्वारा जारी की गईं कांटा पर्ची और रॉयल्टी पर्ची में दर्ज मात्रा से अधिक कच्चा लोहा परिवहन करवाया जाना पाए जाने से ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के जो आरोप महामाया माइंस के अधिकारियों पर लगे है उनको प्रमाणित करता है।
इस संबंध में 28 जुलाई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने के बाद से महामाया माइंस के अधिकारी कुमार शिवेश ने हमारे प्रतिनिधि के नंबर को ब्लॉक कर दिया वहीं सीजीएम गहरवार को लगातार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई किंतु उन्होंने फोन नही उठाया।
जानकारों एवं महामाया माइंस के गाड़ी मालिकों के अनुसार महामाया माइंस में 55 के आसपास मालवाहक वाहन और दुलकी माइंस में लगभग 20 मालवाहक वाहन का उपयोग कर ठेकेदार द्वारा लौह अयस्क के परिवहन का कार्य किया जाता है और प्रतिदिन चार से पांच ट्रीप गाड़ियों के लगाए जाते है। इस हिसाब से अकेले महामाया माइंस से लगभग 400 टन से भी अधिक लौह अयस्क का अवैध परिवहन प्रतिदिन बीएसपी प्रबंधन द्वारा कर ठेकेदार को शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लाभ पहुंचाया जा रहा है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष नंदकुमार साय के दल्ली राजहरा आगमन पर इस संबंध में बताया गया तो उन्होंने संपूर्ण जानकारी देने हेतु कहा और चर्चा के दौरान सरकारी उपक्रम के द्वारा इस प्रकार के अनैतिक कृत्यों की जानकारी पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधितों पर दंडात्मक कार्यवाही करवाने हेतु बीएसपी के उच्च अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।