शिव महापुराण कथा की तैयारी के लिए हुई बैठक
मा शीतला मंदिर समिति व बालोद वासियों के नेतृत्व में होने वाली कथा के आयोजक भगवती मोहित साहू व रानी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन28 अगस्त से 01 सितंबर तक रानीतराई जुगेरा मैदान में किया जा रहा है। 27 अगस्त को रेल्वे फाटक पाररास से बाजे गांजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी जो मुख्य मार्ग से होते हुए इंदिरा चौक, मोखला माझी मंदिर, रामदेव चौक, सदर रोड, पुराना बस स्टैंड,धड़ी चौक ,जयस्तंभ चौक से होते हुए गंगासागर स्थित शीतला मंदिर में समाप्त होगा।शनिवार को शीतल पैलेश में हुई तैयारी बैठक में ही सैकड़ो शिक्षक संध के सदस्य उपस्थित रहे। अनेक लोगों ने राय रखी कि कथा सुनने छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे इसलिए बैठक व्यवस्था बेहतर करनी होगी। साथ ही पार्किंग, पेयजल व बैठक व्यवस्था भी करनी होगी। सभी के विचारों को जानकर विविध समिति गठित कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
कथा स्थल में 3 लाख 15 हजार स्क्वेयर फिट में लगेगा तीन बड़े बड़े डोम शामियाना
जानकारी के अनुसार शिव महापुराण कथा 28 अगस्त से किया जा रहा है जो की श्रावण मास भी है तथा बारिश की संभावना भी है ऐसे में दूर दूर से महराज की कथा सुनने पहुंचने वाले भक्तो के बैठने के लिए 3 लाख 15 हजार स्क्वेयर फिट क्षेत्र में 3 बड़े बड़े डोम शामियाना के अलावा और भी वाटर प्रूफ शामियाना लगाए जायेंगे । कथा स्थल में आने वाले भक्तों के लिए अलग अलग चार प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।वही पंडित जी के लिए अलग से प्रेवश द्वार बनाया जिसमे आम लोगो के लिए प्रवेश वर्जित रहेगा। बड़े आयोजन होने से जहां आयोजन के लागत में भी बढ़ोतरी हुई है वही इस दौरान अभी प्राथमिक चरण में ही लोगो को जानकारी मिलने के बाद अब लोग स्वत: सहयोग के लिए आगे आने लगे है।
पहली बार भव्य आयोजन की तैयारी
बालोद में अनेक भागवताचार्यों की कथाओं का आयोजन हो चुका है, लेकिन पहली बार भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है। दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए तीन माह पहले से ही रूपरेखा बनाई जाने लगी है। तैयारी बैठक में हालेकोसा से दिनेश साहू,मधुकांत यदु,भगवती साहू,मोहित साहू,रवि श्रीवास्तव, संदीप दुबे,कृष्ण प्रसाद तिवारी,कादम्बनी यादव,कमला वर्मा,जेएल ठाकुर,नूतन ठाकुर,माधव साहू,नितिन साहू,राम साहू,वेद बाई ठाकुर,मनीषा शर्मा,अनामिका यादव सहित बड़ी सँख्या में शिक्षक संध के सदस्य शामिल रहे।