बालोद-बालोद शहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से व्यापारी हलकान हो गए है। सड़क निर्माण को लेकर नापजोख के दौरान व्यपारियो और अधिकारियों के बीच वाद वाद विवाद की स्थिति निर्मित हो रही हैं।जिसको लेकर व्यपारियो में राष्टीय राजमार्ग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही हैं। राष्टीय राजमार्ग 930 के मध्य विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही हैं। कुछ चौड़ीकरण के लिए हो रही नाप जोख में अधिकांश दुकानदारों ने भेदभाव करने का आरोप भी लगाया हैं। वही बालोद नगर के मध्य गुजरने वाले नेशनल हाईवे के कार्य को व्यवस्थित व जनभावनानुरूप कराये जाने को लेकर सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने नाराजगी जाहिर करते हुए 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा हैं।नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि बालोद नगरीय क्षेत्र के मध्य में नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसके एक और बालोद नगर वासियों में खुशी की लहर है, वही दूसरी ओर उनके और हमारे मन में कई आशकाए भी हैं, जिसका समाधान अति आवश्यक है ।
नपा अध्यक्ष ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन जिसमे पांच सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से 👇👇👇👇
1. हाईवे निर्माण के पश्चात् दोनो ओर यदि जगह नहीं बचेगा तो निकासी का पानी निकालने हेतु नाली कैसे बन पायेगी ?
2 हाईवे निर्माण के पश्चात् दोनो ओर यदि जगह नहीं दिया जाएगा, तो विद्युत पोल कैसे और कहां शिफ्ट किया जावेगा ?
3 पेयजल पाईप लाईन कि शिफ्टिंग कहां होगी ?
4 हाईवे के दोनो ओर रोड से 02 से 03 फिट ऊंचे नाले का निर्माण होने के बाद रोड से कटे सभी मार्ग रोड से लगभग 02 से 03 फिट निचे हो जायेगा, उसके लिये क्या योजना तैयार कि जा रही हैं ?
5 नेशनल हाईवे द्वारा जो नाला दोनो ओर बनाया जा रहा है, उसका पानी कहा जाएग, और उसके लिये क्या योजना बनाया जा रहा है ।
उक्त आशंकाओ का समाधान सभी विभागो के सामंजस्य से कराने की मांग की हैं ताकि लगभग प्रतिदिन हो रही विवाद कि स्थिति से बचा जा सके और निर्मण सुचारू व शीघ्रगति से हो सके।
सड़क निर्माण को लेकर नापजोख के दौरान अधिकारी और व्यपारियो में हो रही वाद विवाद
बालोद राष्ट्रीय राजमार्ग 930 में चौड़ीकरण एवं उायन का कार्य चल रहा है, इसके अंतर्गत सड़क को 80 फीट तक चौड़ा करने के लिए नाप किया जा रहा है इसके अंतर्गत दोनों ओर की दुकानों के बीच नाप किया जा रहा है। इसमें अधिकतर दुकानदारों की आपत्ति है की प्रत्येक व्यक्ति के निर्माण कि जांच कर नाप की जानी चाहिए। जिनका निर्माण सही है उसका भी अतिक्रमण मानकर चिन्हांकित किया जा रहा है। इसी बात को लेकर नाप के समय दुकानदारों व अधिकारियों के मध्य विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही हैं। कुछ दुकानदारों का यह मानना था कि रोड के बीच से 80 फीट का नाम लिया जाना चाहिए जबकि एनएच विभाग का कहना है कि रोड एकदम बीचों-बीच नहीं बना है अतः यह व्यवहारिक नहीं है। कुल मिलाकर स्थिति यह कि जो मेजरमेंट लिया जा रहा है उससे अधिकतर लोग नाखुश हैं एवं इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं।