जब घोड़े पर निकली सवारी तो पहले लोग समझे कोई वैवाहिक समारोह है…लेकिन जब सामने से देखे तो….
बालोद -दीक्षार्थी बहना लब्धि सकलेचा की बंदौली धूमधाम से ठीक उसी तरह से निकाली गई जैसे दूल्हे की घोड़े मे बिठाकार निकाली जाती है ।पूरा माहौल बारात जैसा था। नाचते गाते बंदौली महावीर भवन से जैनमंदिर पहुंचा वहां दीक्षार्थी लब्धि का मंदिर के द्वार पर परंपरागत ढंग से द्वार-चार का दस्तूर कर प्रवेश कराया गया।मंदिरमे…




















